-शहर के एक होटल में चल रहे छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन-आशा कार्य़कर्ताओं को निर्णय व समन्वय कौशल के बारे में दी गई जानकारी भागलपुर, 5 मार्च- भीखनपुर स्थित एक होटल में चल रहे शहरी आशा कार्यकर्ताओं का छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। प्रशिक्षण के आखिरी दिन शनिवार को मास्टर ट्रेनर मनीषा और शंभू कुमार ने शहरी आशा कार्यकर्ताओं को निर्णय कौशल, समन्वय कौशल, लेखन कौशल, सकारात्मक बदलाव, सामाजिक लामबंदी से समाज के कैसे प्रोत्साहित करें, इसके बारे में बताया। साथ में समुदाय में काम करने के लिए कैसे योजना बनानी है, इसकी जानकारी दी गई। शहरी आशा कार्यकर्ताओं को समाज के वंचित समुदायों तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने की सीख दी गई। इसके लिए किन-किन बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है, इसके बारे में उन्हें जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर शंभू कुमार ने कहा कि आशा कार्यक्रर्ताओं को क्षेत्र में काम करने के लिए पहले इन बातों पर विमर्श करना जरूरी है। अगर आप इन बातों को ध्यान में रखेंगे तो समाज के आखिरी व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने में सफल रहेंगे। लोगों को इस बात के लिए जागरूक करना है कि स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं आपका हक है। सरकार आपके लिए बहुत सारा पैसा खर्च कर रही है। इसका लाभ उठाना आपका कर्तव्य है। वहीं मनीषा ने बताया कि आशा कार्य़कर्ताओं को क्षेत्र में काम करने के लिए निर्णय कौशल बहुत जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को लेकर निर्णय लेने की क्षमता अगर आप में रहेगी तो आप उसे किसी तरह की परेशानी में नहीं आने देंगे। सही समय पर अस्पताल ले जाने से लेकर अन्य काम करेंगे। परिवार के लोगों को डिलीवरी की तारीख बताकर मानसिक तौर पर तैयार होने में मदद करेंगे। इससे उनका काम आसान होगा। समन्वय कौशल पर भी दिया गया जोरः ट्रेनिंग के दौरान समन्वय कौशल पर भी जोर दिया गया। मनीषा ने कहा कि बेहतर समन्वय स्थापित कर आशा कार्यकर्ता क्षेत्र के गरीब से गरीब लोगों को मुश्किलों से बचा सकती हैं। ऐसा करने के लिए आपको चौकन्ना रहना होगा और ट्रेनिंग के दौरान जो बातें आपने सीखीं, उसे व्यावहारिक तौर पर अपनाना होगा। ट्रेनिंग के समापन के बाद सभी आशा कार्य़कर्ताओं से मूल्यांकन पत्र भरवाया गया, जिसे मास्टर ट्रेनर ने देखा कि छह दिन में शहरी आशा कार्यकर्ताओं ने क्या-क्या सीखा।प्रशिक्षण का मकसद कार्य़कर्ताओं का कौशल विकाल करनाः प्रशिक्षण के अंतिम दिन क्षेत्रीय अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं ड़ॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मकसद आशा कार्यकर्ताओं का कौशल विकास है, जिससे वे क्षेत्र में बेहतर सेवा दे सकें। समाज के वंचित तबकों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने में सक्रियता बढ़े। वहीं क्षेत्रीय लेखा प्रबंधक विजय कुमार राम ने कार्यक्रम में मौजूद शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि के बारे में बताया। किस काम के लिए कितनी प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा तय है, इसकी जानकारी दी। आशा के क्षेत्रीय समन्वय कुणाल कुमार ने सभी आशा कार्य़कर्ताओं को अश्विन पोर्टल के बारे में जानकारी दी।
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✍️डॉ नयन प्रकाश गांधी ,प्रतिष्ठित पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट ,युवा एक्टिविस्ट
वास्तव...











