कर्नाटक में विश्वविद्यालय स्नातक समारोह में संघ अध्यक्ष का संबोधन
कमजोरों की रक्षा करना मनुष्य का पहला कर्तव्य
संघ प्रमुख ने की भारत के समग्र विकास की तारीफ
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कर्नाटक में एक विश्वविद्यालय स्नातक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जानवर भी सिर्फ खाने और आबादी बढ़ाने का काम करते हैं। एक आदमी को कुछ कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने हाल के वर्षों में भारत के समग्र विकास की सराहना की।
संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट पेश की कि भारत जल्द ही दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन से आगे निकल जाएगा। जंगल का नियम है कि बलवान ही जीवित रहते हैं। लेकिन यह एक आदमी की निशानी है जब वह मजबूत होता है तो दूसरों की रक्षा करता है।
मनुष्य को खाने-पीने और बढ़ती जनसंख्या के अलावा कुछ अन्य कर्तव्य भी निभाने चाहिए। कमजोरों की रक्षा करना मनुष्य का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी ने 10-12 साल पहले कहा होता कि भारत आगे बढ़ेगा और विकास करेगा, तो इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता। लेकिन आज देश में समग्र विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने बहुत प्रगति की है।
इतिहास से सीख और भविष्य को समझकर भारत का विकास हुआ है। पर्यावरण और विकास के बीच हमेशा विवाद रहा है। भारत उनके बीच रास्ता खोजकर आगे बढ़ रहा है।
मोहन भागवत के इस बयान से सियासी गर्मागर्मी मच गई है। जो लोग कॉकरोच की तरह दिन रात आबादी बढ़ाने में लगे हुए हैं उनको भगवत के इस बयान से मिर्ची लग गयी हैं।





