पूरे गणवेश में 1220 स्वयं सेवकों ने चंद्रनगर महानगर में जगह-जगह गाजे बाजे सहित किया पथ संचलन आवश्यक – क्षेत्रीय शारीरिक प्रमुख नरेश विकल

*अपनी संस्कृति की समृद्धि और गौरव नई पीढ़ी को बताना आवश्यक – क्षेत्रीय शारीरिक प्रमुख नरेश विकल*

*1220 स्वयंसेवकों ने निकाला पथसंचलन*

*स्वयंसेवकों ने किया आदि सरसंघचालक प्रणाम*

फिरोजाबाद।

हिंदू नववर्ष अर्थात वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर आज रविवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से चंद्रनगर महानगर में जगह-जगह पथ संचलन किया गया। गाजे बाजे के साथ पूरे गणवेश में 1220 स्वयं सेवकों ने बड़े उत्साह के साथ संचलन किया। वहीं जगह जगह लोगों ने स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

इसके पूर्व पथ संचलन के मार्ग को केशरिया ध्वज एवं आकर्षित रंगोली से सजा दिया गया। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदी नए वर्ष की शुरूआत होती है। नव वर्ष के स्वागत में प्रति वर्ष राष्ट्रीय स्वयं संघ की ओर से पथ संचलन किया जाता है। विदित हो कि संघ के संस्थापक डॉ हेडगेवार जी का जन्मदिवस भी आज ही है, इसीलिए आदि सरसंघचालक प्रणाम वर्ष में एक दिन आज ही होता है।

सर्वप्रथम नगर के दो अलग अलग स्थानों पर स्वयंसेवक प्रातः 6:00 बजे से ही एकत्रित होना शुरू हो गए। संघ की रचना के अनुसार केशव भाग के सभी स्वयंसेवक बंधु गौशाला गांधी पार्क के मैदान में और माधव भाग के बंधु ओ.वी.एम. स्कूल में एकत्रित हुए। हजारों की संख्या में एकत्रित स्वयंसेवकों ने एक साथ दोनों ही स्थानों पर संपत किया एवं संचलन का आरंभ किया।

माधव भाग का संचलन ओ वी एम से प्रारंभ होकर क्लब चौराह, वर्फखाना चौराहा होते हुए पुराना डाकघर चौराहा पर पहुंचा वहीं ठीक इसी समय गांधी पार्क से प्रारंभ हुआ केशव भाग के स्वयंसेवकों का पथ संचलन गांधी पार्क चौराहा, सेंट्रल चौराहा, गंज चौराहा होते हुए पहुंचा।

डाकखाना चौराहा पर दोनों संचलन का समागम हुआ और यहां से सम्मिलित रूप से यह संचलन मटका बाली बिल्डिंग होते हुए एस आर के इंटर कॉलेज के मैदान पहुंचा। संचलन के समापन के पश्चात आदि सरसंघचालक प्रणाम सभी बंधुओं द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मुख्य वक्त के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय शारीरिक प्रमुख नरेश विकल जी ने नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कहा कि हमारी संस्कृति और काल गणना के अनुसार आज हमारा 2081 विक्रम संवत का शुभारंभ हुआ है।

चैत्र माह के प्रथम दिवस के साथ हमारे नववर्ष का आरंभ होता है। इसी दिन से चैत्र माह के नवरात्रि प्रारंभ होते हैं। हमें अपनी संस्कृति की समृद्धि और अनेकता में एकता की भावना को समझना होगा। आज की पीढ़ी को अपनी संस्कृति की संप्रभुता को समझने की आवश्यकता है।

यहां हर 100- 200 किमी पर भाषा, बोली और वेश बदलता है लेकिन डॉ साहब द्वारा प्रारंभ हुआ यह संगठन और इसके कार्यकर्ताओं की विचारधारा समान है, वेश समान है और हमारा संकल्प भी एक ही है।

उन्होंने डॉ साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार से एक छोटा सा संघ रूपी पौधा आज विशाल वट वृक्ष की भांति संपूर्ण भारत में ही नहीं अपितु विश्व में एक दिशा प्रदान करने का कार्य हर रहा है।

इस अवसर पर मंच पर मुख्य वक्त श्री नरेश विकल जी क्षेत्रीय शारीरिक प्रमुख, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ उपेन्द्र गर्ग कमलेश पैथोलॉजी एवं महानगर संघचालक श्रीमान प्रदीप जी मंचासीन रहे।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सह विभाग प्रचारक अखिलेश जी, महानगर प्रचारक शेखर जी, विद्यार्थी प्रचारक दिलीप जी, विभाग कार्यवाह ब्रजेश यादव, डॉ रमाशंकर, अमर सिंह, मुकेश, सौरव, गौरव, रामकुमार, अभिषेक आदि उपस्थित रहे।

*मार्ग में दर्जनों स्थानों पर हुई पुष्पवर्षा*
पथ संचलन पर जगह जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। विविध संगठन के लोगों ने बढ़चढकर लिया भाग।

*जगह जगह बनाई गईं आकर्षित रंगोली*
पथसंचलन मार्ग की शोभा देखते ही बन रही थी, मार्ग में जगह जगह सजी हुई रंगोली मानों संचलन की राह में पलके बिछाए इंतजार कर रही हों।

*चाक चौबंद रही प्रशासन की व्यवस्था*
पथसंचलन के साथ साथ प्रशाशन भी पूरी मुस्तैदी के साथ चल रहा था। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के साथ संचलन निकाला गया। पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ साथ महिला पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था में थी।

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