राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का एडीएम ने किया उद्घाटन

जिले के मध्य स्कूल हसनपुर में बच्चों को दवा खिलाकर किया गया उद्घाटन

4 मार्च को आयोजित होता है राष्टीय कृमि मुक्ति दिवस

लखीसराय।

बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कुपोषण से बचने के लिए जिला में 4 मार्च को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन जिले के एडीएम शुधांसु शेखर के द्वारा मध्य स्कूल हसनपुर में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर किया।

इस अवसर पर एडीएम शुधांशु शेखर ने कहा बच्चों को छह महीने में एक बार कृमि से छुटकारा पाने के लिए ये दवा जरुर खानी चाहिए। अगर बच्चे ये दवा नहीं खाते हैं तो उनके अन्दर कृमि मौजूद रह जाने से बिभिन्न प्रकार के बीमारी को वो शिकार हो जाएंगे, जिसके कारण बच्चों का संपूर्ण स्वास्थ्य, पोषण संबंधी स्थिति, शिक्षा और जीवन गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। इसलिए जिले सभी 1 से 19 साल के बच्चों को सभी सरकारी, और निजी स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से की एल्बेंडाजोल दवाई खिलानी है।

इस अवसर पर सिविल -सर्जन डॉ बीपी सिन्हा ने बताया की आंतों के कीड़े बिभिन्न प्रकार के होते हैं जो कृमि संक्रमण का कारण बन सकते हैं, लेकिन इनमे सबसे आम हैं टेपवर्म, राउंडवॉर्म, पिनवर्म या थ्रेडवर्म और हुकवर्म। अगर बच्चे एल्बेंडाजोल की गोली नहीं खाते हैं तो उन्हें ये कीड़े होने की पूरी संभावना बनी रहती है। साथ ही अगर हम बच्चों में प्रारंभ से ही बच्चों के नाख़ून नहीं बढ़ने दें, हाथ साफ कर ही खाना खाने के लिए प्रेरित करें, एवं खुले में शौच जाने से बचने के लिए प्रेरित करें। साथ ही खाली पैर नहीं रहने की आदत डाल दें तो कृमि से होने वाली बीमारी की संभावना कम हो जाती है।

कृमि के लक्षण कुछ इस प्रकार के होते हैं पेट में दर्द होना, कमज़ोरी, डायरिया, भूख न लगना, वज़न कम होना, उल्टी, कुपोषण, मलद्वार के आस-पास खुजली, नींद न आना।

इस अवसर पर .जिला कार्यक्रम प्रबंधक शुधांसु नारायण, आईसीडीएस सीडीपीओ बीभा कुमारी, जिला शिक्षा पद्धिकारी संजय कुमार, डीसीएम आशुतोष कुमार, एनडीडी प्रोग्राम के अविनाश कुमार, लखीसराय स्वास्थ्य प्रबन्धक निशांत राज के साथ अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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