तीसरे पक्ष की भूमिका से विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले धर्मार्थ संगठनों और एनजीओ पर सीबीडीटी की नजर

नई दिल्ली।

तीसरे पक्ष की भूमिका से विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले धर्मार्थ संगठनों और एनजीओ पर सीबीडीटी की नजर टेढ़ी हो चुकी है। आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंकाओं के मद्देनजर, सीबीडीटी एक व्यापक डेटाबेस तैयार कर रहा है। आईबी, ईडी और एनआईए से मिली सूचनाओं के आधार पर, सीबीडीटी इन संगठनों को जून के अंत तक नोटिस जारी करेगा। विदेशी फंडिंग की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

सीबीडीटी इन संगठनों की पड़ताल तीनों केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर कर रहा है। इन धर्मार्थ संस्थाओं या एनपीओ को बड़ी तादाद में विदेशी फंडिंग हासिल हुई है। एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार यह फंडिंग तीसरे पक्ष के द्वारा की गई है। यह तीसरा पक्ष कौन है और यह क्यों किसी अन्य के जरिए इन संगठनों को फंडिंग करवा रहा है। इसकी पूरी हकीकत का पता लगाने के लिए हरेक पहलू को खंगाला जा रहा है।

बोर्ड के एक अधिकारी के मुताबिक विदेशी फंडिंग से अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने और टैक्स छूट का दुरुपयोग न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक समीक्षा ही कारगर है. इसके तहत बोर्ड ने इन संगठनों का डेटा इकट्ठा करने के लिए क्षेत्रीय प्राधिकारों के लिए लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है.

इसमें 31 अगस्त तक चैरिटी कमिश्नर, सोसायटी के रजिस्ट्रार और कंपनियों के रजिस्ट्रार से विवरण लिया जाना शामिल हैं। हालांकि बोर्ड ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सही या ईमानदार धर्मार्थ संस्थानों को इस प्रक्रिया में किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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