
करीब 2,700 वर्षों का इतिहास समेटे हुए पीएम नरेंद्र मोदी का गृह नगर, गुजरात का वडनगर यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल हो सकता है। वडनगर को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने वडनगर की नामांकन फाइल प्रारंभिक मूल्यांकन के लिए सौंप दी गई है।
भारत के स्थायी राजदूत विषाल वी. शर्मा ने इस बात जानकारी दी है। उन्होंने कहा, ‘करीब 2700 वर्षों का इतिहास समेटे वडनगर 800-900 ईसा पूर्व तक की प्राचीनता और धरोहर का खजाना है। यूनेस्को की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होती है। पहले चरण में विश्व धरोहर केंद्र यह आकलन करता है कि कोई स्थल यानी असाधारण सार्वभौमिक मूल्य दर्शाता है या नहीं. क्या वह सांस्कृतिक या प्राकृतिक महत्व के मानदंडों पर खरा उतरता है और उसके संरक्षण एवं प्रबंधन के पर्याप्त ढांचे मौजूद हैं या नहीं।
गुजरात के पुरातत्व निदेशालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किए गए उत्खननों में सात क्रमिक सांस्कृतिक कालखंडों के साक्ष्य मिले हैं, जो दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर 19वीं शताब्दी ईस्वी तक फैले हुए हैं। नामांकन दस्तावेज में वडनगर की बहुआयामी भूमिका पर विशेष जोर दिया गया है।
वडनगर कभी एक सुदृढ़ किला-बस्ती रहा, तो कभी वाणिज्यिक केंद्र, धार्मिक स्थल और समुद्री व्यापार मार्गों का अहम जंक्शन। पुरातात्विक खुदाइयों में यहां बौद्ध विहार, स्तूप और औद्योगिक क्षेत्रों के अवशेष भी मिले हैं यह वडनगर की सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करते हैं।







