पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा अफगान नागरिकों को अपने वतन लौटना होगा, अफगानिस्तान के साथ पुराने सम्बन्ध अब कायम नहीं रहेंगे। इस बयान के बाद सीमापार तनाव और बढ़ गया है।
ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक बयानों में कहा कि अब काबुल की अपनी सरकार और व्यवस्था है, इसलिए पाकिस्तान की जमीन और संसाधन 25 करोड़ पाकिस्तानियों के हैं और विदेशी शरणार्थियों के कारण स्थानीय सुरक्षा और संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने कुछ समय पहले 48 घंटे के लिये युद्धविराम पर सहमति जताई थी, जिसे बाद में बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के लिये बढ़ाने पर चर्चा हुई। लेकिन युद्धविराम के तुरंत बाद पाकिस्तान ने पक्तिका और आसपास के कुछ क्षेत्रों में हवाई हमले किए, जिनके बाद तालिबान ने कहा कि युद्धविराम टूट गया है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार कूटनीति जारी रखने का प्रयास चल रहा है। कतर में संभावित बातचीत और मध्यस्थता की बात भी उठ रही है जिससे सीमावर्ती हिंसा को नियंत्रित किया जा सके।








