
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान का तानाशाह ख़ामेनेई नहीं रहा, अब वहां शांति होगी। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “आज हमने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम में शामिल कई बड़े नेताओं को मार गिराया है और हम इस सरकार की कई जगहों को टारगेट करते रहेंगे। हमने उस जगह को टारगेट किया है जहां खामेनेई थे।” उन्होंने आगे कहा, “यह तानाशाह अब नहीं रहा। आज सुबह हमने अयातुल्लाह सरकार के बड़े अधिकारियों, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडरों और न्यूक्लियर प्रोग्राम के बड़े लोगों को खत्म कर दिया, और हम ऐसा करते रहेंगे। अगले कुछ दिनों में, हम आतंकी सरकार के हजारों और ठिकानों को निशाना बनाएंगे।”
इजरायली डिफेंस फोर्स ने जानकारी दी है कि पश्चिमी और मध्य ईरान में आईडीएफ ने 30 से ज्यादा टारगेट पर हमला किया, जिसमें एरियल डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्चर, शासन के टारगेट और मिलिट्री कमांड सेंटर शामिल हैं।
ख़ामेनेई की मौत की खबर के सामने आते ही वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में भूचाल आ गया है। सबसे बड़ा असर कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई पर पड़ने की आशंका है।
इस युद्ध के चलते दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते हॉर्मुज ऑफ स्ट्रेट पर तेल के जहाजों की आवाजाही रोक दी गई है। यह खबर वैश्विक बाजार के लिए किसी झटके से कम नहीं है क्योंकि दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग 20% इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। अगर यह रुकावट लंबे समय तक रही, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में तगड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।







