
गरीब जनता को भिखारी बनाओ, इससे वे निकम्मे बनेंगे, उन्हें भीख देते रहो और आप राज करते रहो। राजनीति में ऐसे ही हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में ममता ने जनता को गरीब और फकीर बनाकर बार बार राजगद्दी हासिल की। इसी कारण भाजपा अभी बंगाल में ममता की राजगद्दी नहीं हिला सकी।
लेकिन अब भाजपा ने भी लोहे को लोहे से काटना शुरू किया तो बंगाल में ममता का सिंहासन डोलने लगा है। उम्मीद की जा रही है कि शायद सिंहासन इतना डोल जाए कि ममता नीचे गिर जाए। जहां लोगों को मुफ्त का खाने की आदत पड़ चुकी है वहां भाजपा ने भी मुफ्त की रेवड़ियां देने की घोषणाएं कर दी हैं और इसका लाभ उसे अवश्य मिलेगा।
भाजपा ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में ‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’ लॉन्च किया। इस योजना के मुताबिक, सरकार बनने पर राज्य की महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये देने का वादा किया गया है। BJP की इस स्कीम को ममता बनर्जी के लक्खी भंडार योजना का तोड़ बताया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में कुल 7.18 करोड़ वोटर हैं. इनमें से 3.59 करोड़ महिलाएं हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार खास महिला वोटर्स के लिए लक्ष्मी (लक्खी) भंडार, रूपश्री और कन्याश्री जैसी कई योजनाएं चला रही है। ये योजनाएं महिलाओं के बीच में हिट भी हैं जिससे ममता कुर्सी पर मजबूती से बैठी है।
लक्ष्मी योजना के तहत 25 से 60 साल की उम्र की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये मिलते हैं। अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) को अभी 1200 रुपये मिलते हैं। अब गुरुवार (5 फरवरी) को ममता बनर्जी ने लक्ष्मी भंडार योजना से मिलने वाली आर्थिक मदद को 1500 कर दिया है।
कन्याश्री योजना दो तरीके से लाभ देती है। पहला तरीका- 13 से 18 साल की लड़कियों को पढ़ाई के दौरान हर साल 1000 रुपये की स्कॉलरशिप मिलती है साथ ही एक साइकिल भी मिलती है। दूसरा तरीका- लड़कियों की उम्र 18 साल होने पर 25 हजार रुपये एकमुश्त दिए जाते हैं। शर्त है कि 18 साल में लड़की मैरिड नहीं होनी चाहिए।
रूपश्री योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उनकी बेटियों की शादी के लिए 25,000 रुपये दिए जाते हैं। यह योजना गरीब परिवारों को बेटी की शादी के लिए हाई इंटरेस्ट रेट पर लोन लेने से रोकने की कोशिश है। इस योजना का फायदा लेने के लिए BPL राशन कार्ड होना चाहिए।
लेकिन इन सभी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए लोगों को गरीब होना जरूरी शर्त है। अतः बंगाली लोग विकास की और ध्यान नहीं देते और ममता को वोट देते हैं और भीख में मुफ्त की योजनाओं का लाभ प्राप्त करते हैं।





