पश्चिम बंगाल में अवैध मदरसों पर ऐक्शन की तैयारी, फंडिंग, कैरिकुलम, शिक्षकों की योग्यता, जमीन कब्जा, सभी की होगी जाँच 

कोलकाता।

पश्चिम बंगाल में अवैध मदरसों पर ऐक्शन की तैयारी शुरू हो गई है। फंडिंग, कैरिकुलम, शिक्षकों की योग्यता, जमीन कब्जा आदि सभी की जाँच होगी। यदि इनमें सरकारी मान्यता न होने या जमीन पर अवैध कब्जा या अयोग्य शिक्षक या अवैध फंडिंग या सरकार द्वारा नियत शिक्षण कोर्स का पालन न करने आदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो मदरसे बंद करके उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार के सीनियर अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले की सरकार ने कभी मदरसों को लेकर जानकारी नहीं मांगी। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है और इसपर ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर मदरसे में किसी तरह की गड़बड़ी या फिर विदेशी फंडिंग का मामला पाया जाता है तो इसे बंद करने में जरा सा भी गुरेज नहीं होगा।

बंगाल की पिछली सरकार (ममता बानो) ने मदरसों की गिनती से संबंधित कोई आंकड़ा कभी जारी नहीं किया। हालांकि एक अधिकारी का कहना हैकि बंगाल में 2015 में करीब 11000 मदरसे थे। इनमें से 8000 से अधिक अवैध हैं, जिन पर तलवार लटक रही है।

खारिजी मदरसे वै हैं जो कि रूढ़िवादी तरीके से चलाए जाते हैं और औपचारिक रूप से बोर्ड से उनका कोई लेना देना नहीं हैं। इनका प्रबंधन किसी मस्जिद कमेटी या फिर वक्फ या उलेमा नेटवर्क से होता है। इसका उद्देश्य मौलवी या फिर इस्लामिक धर्मगुरु बनाना होता है। लेकिन ये सर्वविदित है कि इन मदरसों में धर्म और धार्मिक शिक्षा की आड़ में युवकों को आतंकवादी बनाया जाता है।

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