
नई दिल्ली,
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल (सीडब्ल्यूजी) 2026 में 13 स्वर्ण सहित कुल 39 पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों के स्वदेश लौटने पर नई दिल्ली में भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने पदक विजेताओं को स्वर्ण के लिए ₹30 लाख, रजत के लिए ₹20 लाख और कांस्य के लिए ₹10 लाख की नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सिंग, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान गोल्ड मेडल विजेताओं को 30 लाख रुपए, सिल्वर मेडल विजेताओं को 20 लाख रुपए और ब्रॉन्ज मेडल विजेताओं को 10 लाख रुपए की पुरस्कार राशि के चेक सौंपे गए।
सम्मान समारोह में भारतीय बॉक्सिंग दल के सदस्य शामिल हुए, जिन्होंने ग्लासगो में कुल 10 मेडल जीतकर बॉक्सिंग मेडल टैली में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारतीय मुक्केबाजों ने सात गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल अपने नाम किए। साथ ही भारतीय जूडो दल को भी सम्मानित किया। भारत ने ग्लासगो में 12 जूडो इवेंट्स में हिस्सा लेते हुए चार मेडल जीते, जिनमें दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज शामिल रहे। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। अस्मिता कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका बनीं। वहीं हर्ष ने गोल्ड मेडल जीतकर यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बनने का गौरव हासिल किया।
पैरा-एथलेटिक्स दल को भी समारोह में सम्मानित किया गया। ग्लासगो में भारतीय पैरा-एथलीटों के शानदार प्रदर्शन को देश के पैरा-स्पोर्ट्स के लिए महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा गया। खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की पैरा-स्पोर्ट्स क्षमता को मजबूती से सामने रखा।
एशियन गेम्स 2026 को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय खेल मंत्री ने खिलाड़ियों से कॉमनवेल्थ गेम्स में हासिल किए गए प्रदर्शन को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले खिलाड़ी अगली बार गोल्ड हासिल करने का प्रयास करें, जबकि गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के स्तर को बनाए रखते हुए उसे और बेहतर करें।








