
देशभर के शिवालयों में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया जा रहा है। श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली सावन शिवरात्रि इस बार 11 अगस्त को मनाई जा रही है। सावन शिवरात्रि की रात शिव आराधना, उपवास, मंत्र जाप और रुद्राभिषेक के लिए विशेष मानी जाती है।
महीने में शिवभक्त सोमवार के व्रत, जलाभिषेक और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। श्रद्धालु शिवलिंग का अभिषेक कर भगवान शिव को बेलपत्र, पुष्प, फल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं।सावन शिवरात्रि इसी साधना का महत्वपूर्ण पड़ाव है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

सावन शिवरात्रि का संबंध कांवड़ यात्रा से भी गहराई से जुड़ा है। हर वर्ष लाखों शिवभक्त विभिन्न तीर्थस्थलों और गंगातटों से पवित्र जल लेकर पैदल अपने क्षेत्रों की ओर लौटते हैं। कांवड़िए कई दिनों की कठिन यात्रा पूरी करने के बाद शिवालयों में पहुंचते हैं और गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान रास्तों में ‘बोल बम’, ‘हर हर महादेव’ और ‘जय भोलेनाथ’ के जयकारों से वातावरण शिवमय हो जाता है।
शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपवास रखते हैं। व्रत रखने वाले लोग अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार या अन्य सात्विक आहार लेते हैं। धार्मिक मान्यताओं में व्रत को केवल भोजन त्यागने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मन, वाणी और कर्म में संयम रखने का माध्यम माना गया है। श्रद्धालु इस दिन सात्विक जीवनशैली अपनाने, भगवान शिव का ध्यान करने और नकारात्मक विचारों से दूर रहने का प्रयास करते हैं।
काशी, हरिद्वार, उज्जैन, देवघर, प्रयागराज, नासिक और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन शिवरात्रि का विशेष महत्व है। देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ के दरबार में सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। कांवड़िए सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं। सावन शिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठता है।









