इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से होगा “वंदे मातरम” का गायन

नई दिल्ली।

इस वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री के लाल किले के प्रांगण में पहुंचने के अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को समारोह में विशेष रूप से रेखांकित किया जा रहा है। राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के लिए लाल किले पर पहली बार इसका विशेष गायन होगा।

भारत 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ और ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ की थीम पर केंद्रित होगा। समारोह में करीब 5,000 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली में समारोह की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों भारतीयों को प्रेरित करने वाले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का लाल किले की प्राचीर से पहली बार गायन किया जाएगा।

समारोह स्थल पर फूलों की सजावट में भी ‘वंदे मातरम्’ की झलक देखने को मिलेगी। एनसीसी के 2,500 लड़के और लड़कियां कैडेट्स तथा ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर फूलों से ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे। भारतीय वायु सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बैनर लेकर उड़ान भरेगा और लाल किले पर मौजूद लोगों पर पुष्पवर्षा करेगा।

‘वंदे मातरम्’ की गौरवशाली विरासत को सम्मान देने के लिए 8 अगस्त से देशभर में सैन्य और अर्धसैनिक बलों के बैंड की प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। 15 अगस्त तक देश के 343 प्रमुख स्थानों पर सेना, नौसेना, वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल, एनसीसी, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, बीएसएफ, एकीकृत रक्षा स्टाफ, आरपीएफ और असम राइफल्स के बैंड प्रस्तुति देंगे। इन कार्यक्रमों में आम जनता के लिए प्रवेश खुला रखा गया है, ताकि नागरिक देशभक्ति की भावना से जुड़ सकें।

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