
नई दिल्ली,
चालू वित्त वर्ष में 10 अगस्त तक भारत का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 23 फीसदी बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा जारी यह उछाल देश में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, मजबूत कॉर्पोरेट कमाई और बेहतर टैक्स अनुपालन का सीधा प्रमाण है। आंकड़ों पर गौर करें तो टैक्स कलेक्शन में आई इस तेजी को पर्सनल इनकम टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स दोनों में दर्ज हुई दोहरे अंकों की वृद्धि से सीधा समर्थन मिला है।
टैक्स राजस्व में यह रिकॉर्ड बढ़त इस बात का स्पष्ट संकेत है कि औपचारिक अर्थव्यवस्था का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। सरकार के पास अब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रक्षा और सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च करने के लिए अधिक वित्तीय क्षमता मौजूद है, जिससे आने वाले महीनों में आर्थिक विकास को और अधिक गति मिलेगी।
मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन अवधि में नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 19.83 प्रतिशत बढ़कर करीब 2.70 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, पर्सनल इनकम टैक्स समेत नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 23 प्रतिशत बढ़कर 5.07 लाख करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान, सिक्योरिटीज के ट्रांजेक्शन पर लगने वाले टैक्स एसटीटी से रेवेन्यू 51 फीसदी बढ़कर 33,824 करोड़ रुपए हो गया।
ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 19.75 प्रतिशत बढ़कर करीब 9.55 लाख करोड़ रुपए हो गया। इसमें कॉरपोरेट टैक्स, पर्सनल इनकम टैक्स और एसटीटी शामिल हैं। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में डायरेक्ट टैक्सेस से 26.97 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह वित्त वर्ष 2025-26 में जुटाए गए 23.40 लाख करोड़ रुपए टैक्स रेवेन्यू से करीब 15 प्रतिशत अधिक है।











