खलीफा हज़रत शाह अब्दुल हफ़ीज़ चिश्ती, साबरी, नासरी व भीकी रह० का ३३ वाँ उर्स बडी छपैटी फिरोजाबाद दरगाह पर बड़ी धूम-धाम से मनाया

फिरोजाबाद।
खलीफा हज़रत शाह अब्दुल हफ़ीज़ चिश्ती, साबरी, नासरी व भीकी रह० का ३३ वाँ उर्स बडी छपैटी फिरोजाबाद दरगाह पर बड़ी धूम-धाम से मनाया जा रहा है। इस उर्स मुबारक में नात और मनकबत के मुशायरे का आयोजन कन्वीनर चाहत कामिल फिरोजाबादी बज़्मे फ़रोग़े अदब रजि०फ़ीरोज़ाबाद के तत्वाधान में रात 9 बजे किया गया। मुशायरे की शमा रोशन सज्जादानशीन हाजी मोहम्मद सरफराज़ ने की।

मुशायरे में कई मशहूर शायर व कवियों ने अपने काव्य पाठ से दरगाह पर आये हज़रत के मुरीद और जायरीन को अपने कलाम से खूब मंत्र मुग्ध किया। सर्वप्रथम मशहूर और जाने माने शायर कमर वारसी ने नबी की शान में यूं कहा–
“परवाज़ रूह कर गयी हज़रत बिलाल की
जिस वक्त आया नामे मुहम्मद अज़ान में ”
उसके बाद शायर उमर पैकर ने नात का मतला यूं कहा–
गूंज उठी सदाए मरहबा आमला के लाल आ गये
रहमतों की छा गई घाट आमना के लाल आ गये
शायर कलीम नूरी की नात का ये शेर खूब पसंद किया गया उन्होंने कहा–
ये है मेरे सरकारे दो आलम का कमाल
मिट्टी को भी दिखला दिया सोना करके
चाहत कामिल फीरोजाबादी ने कई नात और मनकबत पढ़ीं-
जायरीनों ने ये शेर बार-बार सुना —
“खुद आंखें बंद कर लेते हैं मंज़र देख लेते हैं
यहीं से सारी दुनिया को कलंदर देख लेते हैं”
सीनियर शायर जौहर फ़ीरोज़ाबादी ने नात यूं पढ़ी —
एक बार बुला लीजे सरकार मदीने में
रोज़े का करूं जाकर दीदार मदीने में
अन्य शायरों में हाजी उस्मान,कफील सबरी, ज़फ़र कालोनी व की अन्य शायरों ने भी नातिया कलाम पढ कर ख़ूब वाह वाही लूटी। मुशायरा रात 2 बजे तक चला। अंत में मुख्य अतिथि डा ज़फ़र आलम ने कहा कि उर्स मुबारक पर नातिया मुशायरे में शायरों ने हमारे नबी का स़देश दिया है, इन से समाज में सच्चाई का पैगाम पहुंचता है । ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होते रहना चाहिये। सज्जादानशीन हाजी मोहम्मद सरफराज़ ने कहा कि आज के मुशायरे में शायरौं ने अपने कविता के ज़रिए नबी की अज़मत बयान की है। वहीं मनकबत में औलिया अल्लाह और सूफियाकिराम द्वारा दिए गये भाई चारे के संदेश का ज़िक्र किया है। उन्होंने बज़्म-ए-फ़रोग़-ए-अदब की सराहना करते हुए कहा कि शायरौं ने बेहतरीन कलाम पेश किये हैं। मुशायरा बहुत कामयाब रहा है, चाहत कामिल कन्वीनर मुशायरा बधाई के पात्र है।

मियां बिसारुद्दीन साहब ने कहा कि आज के मुशायरे में बेहतरीन रुहानी कलाम सुनने को मिला। बज़्म-ए-फ़रोग़-ए-अदब के शोअरा इस कामयाब मुशायरे के लिये यकीनन बधाई की पात्र है। मुशायरा का सफल संचालन मशहूर शायर नईम अनवर ने किया। मियां बिसारुद्दीन, अफ़ज़ाल भाई, फैय्याज़ साहब, जावेद, अरशद, साहिल,शकील,,साहिल खान,अली मियां, उमर साहब,रफीक मियां आदि की उपस्थिति सराहनीय रही।

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