मधु विहार में श्रीमद्भागवत कथा एवं कलश यात्रा का आयोजन, पूनम ओसवाल की सक्रिय सहभागिता और मार्गदर्शन

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2026:

पितृपक्ष के पावन अवसर पर दिल्ली के मधु विहार स्थित श्री रघुनाथ मंदिर (गुरुद्वारा के पीछे) में 1 से 7 अक्टूबर 2026 तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य पितरों की शांति, पितृदोष से मुक्ति तथा परिवार में सुख-शांति की कामना के साथ धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करना है।

कार्यक्रम के अंतर्गत 1 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे श्री हनुमान मंदिर (नियर सिंगला स्वीट), मधु विहार से कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में क्षेत्र की महिलाओं सहित स्थानीय श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा के पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में कलश स्थापित किए गए।

इस धार्मिक आयोजन में मधु विहार, दिल्ली निवासी पूनम ओसवाल, जो भाजपा की पार्टी कार्यकर्ता तथा भारत सरकार के गृह मंत्रालय की पूर्व संयुक्त निदेशक रही हैं, की भी सक्रिय सहभागिता और सहयोग देखने को मिला। कार्यक्रम से जुड़े आयोजन एवं व्यवस्थाओं में पूनम ओसवाल द्वारा आयोजकों को आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर धार्मिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी को क्षेत्र के लोगों के बीच सामाजिक सहभागिता के रूप में देखा जा रहा है।

प्रतिदिन होगा श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन

आयोजकों के अनुसार 1 से 7 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा व्यास के रूप में आचार्य पं. श्री मनोज उपाध्याय “तनय” श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रसंगों का श्रवण करा रहे हैं।

कार्यक्रम में श्रीमद्भागवत मूलपाठ एवं वेदी पूजन का भी आयोजन किया जा रहा है। पोस्टर में दी गई जानकारी के अनुसार 8 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे से विशेष कार्यक्रम तथा दोपहर 12 बजे से भंडारे का आयोजन प्रस्तावित है।

पितृ शांति और पारिवारिक सुख-शांति का संदेश

आयोजकों ने बताया कि पावन पितृपक्ष के दौरान आयोजित इस कथा का प्रमुख उद्देश्य पितरों की शांति, पितृदोष से मुक्ति और पारिवारिक सुख-शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान एवं श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करना है।

पूनम ओसवाल की सहभागिता को भी इसी सामुदायिक और धार्मिक आयोजन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मधु विहार क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण वह स्थानीय लोगों और आयोजनकर्ताओं के साथ समन्वय करते हुए कार्यक्रम से संबंधित विषयों पर सुझाव एवं मार्गदर्शन दे रही हैं।

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