
राजस्थान में पंचायत चुनाव की तारीखों का चुनाव आयोग ने ऐलान कर दिया है। राज्य के 41 जिलों में होने वाले इस चुनाव में मतदान 4 चरणों में होंगे और 20 नवंबर को मतगणना होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता लागू कर दी है। पंच और सरपंच पदों के लिए पहले चरण में 25 अक्टूबर को 3,672 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा। उसके बाद दूसरे चरण में 31 अक्टूबर को 3,626 ग्राम पंचायतों, तीसरे चरण में 6 नवंबर को 3,605 ग्राम पंचायतों और चौथे चरण में 16 नवंबर को 3,500 ग्राम पंचायतों में वोट डाले जाएंगे।
जिला परिषद सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होगा, जबकि पंचायत समिति सदस्यों के लिए 22 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। दोनों के चुनाव परिणाम 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
राजस्थान के मुख्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि इस बार के पंचायती राज चुनावों में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रहने वाली है, जहां 50 फीसदी आरक्षण के तहत 80 हजार से अधिक महिलाएं चुनकर सत्ता की बागडोर संभालेंगी। इनमें 7,200 महिला सरपंच, 7,200 महिला उपसरपंच और 65 हजार महिला वार्ड पंच बनेंगी। वहीं, 457 पंचायत समितियों में प्रधानों और जिला प्रमुखों के चुनाव दिसंबर में कराए जाएंगे।
इस पंचायत चुनाव में 2.72 लाख पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. इन चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया है। अगर वोटर्स की बात करें तो पंचायतीराज चुनाव में 51.82 प्रतिशत पुरुष और 48.18 प्रतिशत महिला वोटर हैं। राजस्थान के कुल 41 जिलों में जयपुर में सबसे ज्यादा 18.99 लाख वोटर और जैसलमेर में सबसे कम 4.36 लाख वोटर हैं, जबकि पूरे राज्य में 4 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
आयोग के चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लागू हो गई है। इसके तहत अब तबादलों पर पाबंदी लग गई है। मंत्री अब अपने इलाकों में सरकारी गाड़ी से नहीं जा सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस व डाक बंगलों में नहीं ठहर सकेंगे। सरकार नई योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं कर सकेगी।












