
कैंचीधाम और नैनीताल में बिना बुकिंग के टैक्सी और बाइक पर रोक लगा दी गई है। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। बिना बुकिंग नैनीताल आने वालों पर कैंचीधाम नैनीताल पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे प्राइवेट वाहन अब प्रसाशन की राडार पर हैं। पिछले दिनों पहुंची भीड़ के बाद कमिश्नर कुमाऊं ने टैक्सी, होटल समेत सभी स्टेक होल्डरों की बैठक ली है और कैंचीधाम में रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने पर बैठक में मुहर लगी है। इसके लिए डीएम और एसएसपी को एक खाका बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिये गए हैं।
पिछले वीकेंड पर हालात खराब हो गए। एक दिन में कैंचीधाम में 50 हजार से ज्यादा की भीड़ रिकॉर्ड की गई। सड़कों पर 20 किमी लम्बा जाम लग गया और यात्री 5-6 घंटे तक जाम में फंसे रहे। लेकिन अब नैनीताल पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि 20 हजार से 25 हजार तक क्राउड मैनेजमेंट पुलिस कर लेगी लेकिन अब बुकिंग के बिना एंट्री आसान नहीं रहेगी। कैंचीधाम से आगे जाने वालों के लिए हाईवे खाली रखना होगा।
लंबे वीकेंड के दौरान पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड में कैंची धाम और हिमाचल प्रदेश में त्रियुंड जैसी दो लोकप्रिय जगहों पर अधिकारियों ने भीड़ को संभालने के लिए कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लोगों की संख्या सीमित करने पर विचार किया जा रहा है और इसे लागू भी किया जा रहा है। कैंची धाम में, जहां पिछले वीकेंड श्रद्धालुओं की संख्या 50,000 से ज़्यादा हो गई थी, प्रशासन अब अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और रोज़ाना 20,000 से 25,000 पर्यटकों की सीमा तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हिमाचल प्रदेश में, वन विभाग ने त्रियुंड में रोज़ाना 1,000 पर्यटकों की क्षमता की सीमा को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है।










