
– महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस, मरीजों के उपचार एवं स्वास्थ्य की नियमित निगरानी का भी प्रयास
मथुरा,
टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करने की दिशा में अंजना फाउंडेशन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट ने क्षय रोगियों के स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर महत्वपूर्ण पहल की। फाउंडेशन की ओर से 60 क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने अंजना फाउंडेशन के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि टीबी मरीजों के नियमित उपचार के साथ पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है। सामाजिक संस्थाओं और निक्षय मित्रों की भागीदारी से मरीजों को उपचार पूरा करने के लिए अतिरिक्त सहयोग और प्रोत्साहन मिलता है।
उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना टीबी मुक्त मथुरा का लक्ष्य हासिल करना कठिन है। समाज के अधिक से अधिक लोगों और संस्थाओं को आगे आकर जरूरतमंद क्षय रोगियों की मदद करनी चाहिए।
फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. दीपक चतुर्वेदी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल पोषण सामग्री का वितरण करना नहीं, बल्कि उपचार की पूरी अवधि में जरूरतमंद क्षय रोगियों के साथ खड़ा रहना है। उन्होंने कहा कि मरीजों से नियमित संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की स्थिति, उपचार की नियमितता और पोषण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी लेने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसी मरीज को उपचार के दौरान आवश्यक सहयोग की कमी न हो।
डॉ. दीपक चतुर्वेदी ने कहा, “टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल दवा और उपचार तक सीमित नहीं है। मरीज को उपचार के दौरान पोषण, सामाजिक और मानवीय सहयोग की भी आवश्यकता होती है। हमारा प्रयास है कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर सहयोग मिले और कोई भी मरीज आर्थिक या पोषण संबंधी कठिनाई के कारण अपना उपचार बीच में न छोड़े।”
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों में टीबी के मामलों में विशेष संवेदनशीलता की आवश्यकता है। बीमारी के दौरान पर्याप्त पोषण और नियमित उपचार मरीज के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्था जरूरतमंद मरीजों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास करेगी।
डॉ. दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि अंजना फाउंडेशन द्वारा की जा रही यह सेवा उनके स्वर्गीय ताऊजी एस.एन. चतुर्वेदी जी की स्मृति को समर्पित है, जिन्हें परिवार और समाज के लोग प्रेम एवं सम्मान से एस.एन. साहब के नाम से संबोधित करते थे।
उन्होंने कहा कि समाज सेवा और जरूरतमंद लोगों के सहयोग की भावना को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। फाउंडेशन इसी भावना के साथ स्वास्थ्य एवं सामाजिक क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों तक सहयोग पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
निक्षय मित्र बनकर आगे आएं समाज के लोग
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकार और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। समाज के सक्षम लोगों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, सामाजिक संस्थाओं और अन्य संगठनों को भी आगे आकर इस अभियान में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण एवं सामाजिक सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि एक क्षय रोगी की मदद करना केवल उसके उपचार में सहयोग करना नहीं, बल्कि उसके परिवार को भी कठिन परिस्थितियों से उबरने में मदद करना है।
कार्यक्रम में जिला क्षय रोग केंद्र मथुरा की ओर से अखिलेश दीक्षित ने अंजना फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि फाउंडेशन द्वारा क्षय रोगियों के लिए किया जा रहा पोषण सहयोग अत्यंत सराहनीय है।
उन्होंने कहा, “आज की यह सेवा अंजना फाउंडेशन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. दीपक चतुर्वेदी जी द्वारा अपने स्वर्गीय ताऊजी एस.एन. चतुर्वेदी जी, जिन्हें सभी लोग प्यार और आदर से एस.एन. साहब कहते हैं, की स्मृति को समर्पित की जा रही है। जिला क्षय रोग केंद्र मथुरा की ओर से मैं डॉ. दीपक चतुर्वेदी जी एवं अंजना फाउंडेशन की पूरी टीम का आभार व्यक्त करता हूं।”
उन्होंने कहा कि समाज की अन्य संस्थाओं और सक्षम लोगों को भी आगे आकर टीबी मरीजों के पोषण एवं उपचार में सहयोग करना चाहिए। जनभागीदारी के माध्यम से ही टीबी मुक्त मथुरा और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को और मजबूत किया जा सकता है।
कार्यक्रम में अंजना फाउंडेशन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष डॉ. दीपक चतुर्वेदी, संयोजक तपेश शर्मा, पवन चतुर्वेदी, दाऊ चतुर्वेदी, पंकज चतुर्वेदी, नितिन, राधा एवं नीरज ने सहभागिता की।
वहीं जिला क्षय रोग केंद्र मथुरा की ओर से अखिलेश दीक्षित, योगेश, निश्चल, बांके बिहारी, मयंक, कविता, नेहा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रतिभाग कर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
अंजना फाउंडेशन ने कहा कि 60 क्षय रोगियों को पोषण सहयोग देने के साथ मरीजों के स्वास्थ्य एवं उपचार की नियमित जानकारी रखने का प्रयास भी जारी रहेगा, ताकि उपचार पूरा होने तक उन्हें आवश्यक सहयोग मिलता रहे। संस्था का उद्देश्य जनभागीदारी को बढ़ावा देकर अधिक से अधिक लोगों को टीबी उन्मूलन की मुहिम से जोड़ना है।












