
बॉलीवुड के जाने-माने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है, वे 75 वर्ष के थे। नाना पाटेकर अपने गोवा स्थित घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एएनआई के मुताबिक, गोवा के मणिपाल अस्पताल के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने कहा कि लगातार 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि नाना पाटेकर को कार्डियक अरेस्ट आया था। परिवार और करीबी सूत्रों से जानकारी मिलने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर फैल गई है।
नाना पाटेकर ने 1999 में कारगिल युद्ध में भी योगदान दिया। कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने एक्टिंग करियर को छोडकर मराठा लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट के साथ मिलकर युद्ध में योगदान दिया था। अगस्त 1999 में नाना पाटेकर ने सेना की क्विक रिस्पॉन्स टीम के साथ मिलकर एलओसी का मोर्चा संभाला। वह काफी समय तक वहां रहे और उन्होंने मिलिट्री हॉस्पिटल में भी काम किया था। एक्टर ने बताया था कि जब श्रीनगर पहुंचे थे तो उनका वजन 76 किलो था और आर्मी के साथ वक्त बिताकर, वहां के नियम कानून और अनुशासन को फॉलो करते हुए बाद में उनका वजन घटकर 56 किलो हो गया था।
बाद में सेना से लौटने के बाद नाना पाटेकर ने अपने एक्टिंग करियर को शुरू किया। बता दें कि एक्टर को इन तीन फिल्मों के लिए अलग-अलग सालों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया था। नाना पाटेकर ने हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने 1978 में अपना एक्टिंग डेब्यू किया था और उनकी पहली फिल्म ‘गमन’ थी। लेकिन, 1986 में रिलीज हुई ‘अंकुश’ ने उन्हें पहचान दिलाई। उन्होंने अपने करियर में हिंदी के साथ-साथ मराठी सिनेमा में भी काम किया। ‘परिंदा’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘खामोशी’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने दर्शकों के दिलों में जगह बनाई और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उन्होंने अपने करियर में सिर्फ संजीदा ही नहीं, कॉमिक और नकारात्मक किरदार भी निभाए। ‘परिंदा’ में एक गैंगस्टर के किरदार ने उन्हें इंडस्ट्री में स्थापित किया और फिर ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में एक्शन अवतार दिखाया।
विश्वनाथ पाटेकर के नाम से जन्मे नाना पाटेकर ने 1978 में ‘गमन’ फिल्म से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की और हिंदी व मराठी सिनेमा के सबसे खास कलाकारों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई। उन्हें ‘अंकुश’, ‘प्रतिघात’, ‘सलाम बॉम्बे!’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों से बड़ी सफलता मिली।
उन्होंने ‘प्रहार द फ़ाइनल अटैक’, ‘अंगार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी द म्यूज़िकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘राजनीति’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया। ‘वेलकम’ और ‘वेलकम बैक’ में उदय शेट्टी का किरदार निभाकर वे दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय हुए। अपने करियर के दौरान, उन्होंने तीन नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड जीते और 2013 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
नाना आखिरी बार ‘ओ रोमियो’ में आए थे नजर:
नाना पाटेकर आखिरी बार विशाल भारद्वाज की रोमांटिक एक्शन थ्रिलर ‘ओ रोमियो’ में दिखे थे, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी भी थे। फरवरी 2026 में रिलीज़ हुई इस फ़िल्म में पाटेकर ने मुंबई इंटेलिजेंस ब्यूरो के चीफ इस्माइल खान का रोल निभाया था। उन्होंने अनिल कपूर की ‘सूबेदार’ में भी काम किया, जो मार्च 2026 में प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। इससे पहले, वे ‘हाउसफुल 5’ (2025) और ‘वनवास’ (2024) में नजर आए थे। पाटेकर ने 2026 में प्रकाश झा की पॉलिटिकल ड्रामा सीरीज ‘संकल्प’ से ओटीटी पर भी डेब्यू किया, जिसमें उन्होंने मा’अत साहब/कन्हैया लाल का मुख्य किरदार निभाया था।








