जीएसटी काउंसिल की बैठक आज, कई बड़े मुद्दों पर फैसला लिया जा सकता है

जीएसटी काउंसिल की बैठक आज नई दिल्ली में होने जा रही है। इस बैठक में कई बड़े मुद्दों पर फैसला लिया जा सकता है। जीएसटी काउंसिल की आज हो रही बैठक में सेक्शन 17(5) में ढील दिए जाने की भी उम्मीद है। इसके तहत सरकार की बनाई गई लिस्ट में कुछ ऐसी चीजें शामिल थीं, जिसमें बिजनेस के लिहाज से खरीदे गए कुछ चीजों पर आपको टैक्स की छूट (ITC) नहीं मिलने की बात कही गई थी। इस लिस्ट में कर्मचारियों के लिए हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस, आउटडोर कैटरिंग, टेलीकॉम टावर, फैक्ट्री के बाहर पाइपलाइन, कुछ फ्री सैंपल, एक्सपायर हो चुके सामान, 13 लोगों तक की क्षमता वाली गाड़ियां (उनके इंश्योरेंस और मेंटेनेंस के साथ) और गाड़ियों को लीज या किराए पर लेना जैसी चीजें शामिल हैं।

57वीं जीएसटी काउंसिल के एजेंडे में सबसे ऊपर टैक्स अपराधों का डिक्रिमिनलाइजेशन (Decriminalisation) यानी ‘अपराधमुक्त’ करना है। ऐसा करने के पीछे सरकार का मकसद टैक्स सिस्टम को ‘भरोसे-आधारित शासन’ (Trust-based Administration) की तरफ ले जाना है, जो मोदी सरकार के ‘Ease of Doing Business’ विजन का एक बेहद अहम हिस्सा है।

सरकार का मानना है कि देश के विकास में टैक्सपेयर्स का बड़ा योगदान है इसलिए अगर जाने-अनजाने में या टेक्नीकल एरर के चलते या फिर नियमों की सही समझ न होने की स्थिति में उनसे अगर कोई भूल हो जाती है, तो उन्हें सीधे अपराधी न माना जाए। अभी CGST Act के Section 69 के तहत कमिश्नर फर्जी बिल, इनपुट टैक्स क्रेडिट में धोखाधड़ी या टैक्स चोरी के शक में किसी भी कारोबारी को सीधे गिरफ्तार कर सकता है।

नए नियमों के तहत, इसी इंस्पेक्टर राज को खत्म किया जाएगा ताकि कारोबारियों में डर का माहौल खत्म हो। अब हर छोटे-मोटे विवाद को कोर्ट में ले जाने उन्हें पेनल्टी और आपसी समझौते के जरिए सुलझाया जाएगा। इससे अदालतों पर भी बोझ भी कम होगा. जांच के लिए अधिकारी फिजिकल चेकिंग के बजाय एडवांस डेटा एनालिटिक्स और AI का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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