‘जोश’ के साथ गांव-गांव पहुंचेगा टीबी मुक्त भारत का संदेश – डिप्टी सीएम

-फरह स्थित पंडित दीनदयाल धाम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘जोश’ कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।

-जिला क्षय रोग केंद्र पर जोश टीम के शुभारंभ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण, एनसीसी कैडेट और माय भारत स्वयंसेवक निभाएंगे अहम भूमिका

मथुरा,
टीबी मुक्त भारत के संकल्प को जनभागीदारी की ताकत देने के लिए अब युवाओं को भी इस अभियान की अग्रिम पंक्ति से जोड़ा जा रहा है। इसी कड़ी में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा जोश टीम के शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जनपद मथुरा के फरह स्थित पंडित दीनदयाल धाम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। उन्होंने कहा कि जोश टीमों का प्रथम चरण 11 राज्यों के 55 जिलों में शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा, पहुंच और सहभागिता को टीबी उन्मूलन के लिए संगठित सामुदायिक प्रयासों से जोड़ते हुए ‘टीबी मुक्त भारत’ का संदेश गांव-गांव और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में माय भारत स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स और अन्य युवा सहभागियों के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूकता, समय पर जांच, उपचार और बचाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

इसी क्रम में जिला क्षय रोग केंद्र, मथुरा में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। इसमें एनसीसी कैडेट, माय भारत स्वयंसेवक तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 24 जून 2026 को आयोजित प्रगति समीक्षा बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान को ‘सम्पूर्ण सरकार और सम्पूर्ण समाज’ की भावना के साथ आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया था। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों, युवाओं, स्वयंसेवकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्यसभा सांसद चौधरी तेजवीर सिंह कहा कि आइए, टीबी मुक्त भारत के दृढ़ संकल्प को जनभागदारी के साथ मजबूत करते हुए टीबी मुक्त भारत का निर्माण करें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मथुरा डॉ. राधा वल्लभ ने बताया कि जनपद में शीघ्र ही राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप जोश टीमों को प्रशिक्षित कर टीबी उन्मूलन अभियान में उनका सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त मथुरा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों, एनसीसी कैडेट, माय भारत स्वयंसेवकों और आमजन की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अभियान से जोड़ने से टीबी के प्रति जागरूकता को नई गति मिलेगी और समुदाय तक टीबी की पहचान, जांच और उपचार का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।

हर विकासखंड में गठित होगी टीबी मुक्त भारत अभियान टीम
जिला क्षय रोग अधिकारी, मथुरा डॉ संजीव यादव ने बताया कि जिलाधिकारी मथुरा द्वारा जनपद के सभी विकासखंडों के लिए स्वास्थ्य विभाग से इतर क्लास-1 स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में टीबी मुक्त भारत अभियान के संचालन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा नियमित अनुश्रवण की जिम्मेदारी दी गई है।

उन्होंने बताया कि नोडल अधिकारियों के सहयोग के लिए टीबी मुक्त भारत अभियान टीम तैयार की जा रही है। एनसीसी कमांडेंट द्वारा एनसीसी कैडेट की सूची उपलब्ध कराई गई है, जबकि जिला युवा अधिकारी, मथुरा द्वारा विभिन्न विकासखंडों में कार्यरत माय भारत स्वयंसेवकों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है।

इन सभी टीमों को शीघ्र ही प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद एनसीसी कैडेट और माय भारत स्वयंसेवक अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, संभावित टीबी मरीजों को जांच के लिए प्रेरित करने, उपचार के प्रति जागरूकता फैलाने तथा टीबी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने में सहयोग करेंगे।

जिला क्षय रोग केंद्र पर युवाओं ने लिया टीबी मुक्त भारत का संकल्प
जिला क्षय रोग केंद्र, मथुरा में आयोजित सजीव प्रसारण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में इन्द्रपाल सिंह, डीसी एनआरएलएम, अनिल सागर, मोहित कुमार, विनीत, विवेक, नरेश चौधरी, एनसीसी 11 बटालियन, एनके मंजीत, 1 यूपी रेजिमेंट, नायब सूबेदार दिनेश तमंग तथा 10 एनसीसी उप-बटालियन के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

इसके अतिरिक्त योगेश, अखिलेश, कविता, नेहा, मयंक, अंकित, आजम, तेजवीर, बादल, पुष्पेंद्र, हिमांशु और रविंद्र सहित एनसीसी कैडेट, माय भारत स्वयंसेवक एवं जिला क्षय रोग केंद्र के कर्मचारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने टीबी मुक्त भारत के संदेश को घर-घर और जन-जन तक पहुंचाने, टीबी के लक्षणों के प्रति लोगों को जागरूक करने, संभावित मरीजों को समय से जांच के लिए प्रेरित करने तथा उपचार पूरा कराने में सहयोग देने का संकल्प लिया।

जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, एनसीसी का अनुशासन, स्वयंसेवकों की सेवा भावना और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के साथ मथुरा में टीबी के खिलाफ अभियान को नई ताकत मिलने की उम्मीद है। सामूहिक प्रयासों से ‘टीबी मुक्त मथुरा’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण कदम साबित होगी

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