
अमेरिका में एक पूर्व सैन्य अफसर को मौत की सजा देने की तैयारी चल रही है। खास बात यह है कि इस सजा का लाइव प्रसारण किया जाएगा जिसे आम लोग भी देख सकेंगे। अमेरिकी सेना के पूर्व मेजर निदाल मलिक हसन को 3 दिसंबर 2026 को गोली मारकर मौत की सजा देने की तारीख तय की गई है। हसन ने 2009 में टेक्सास के फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर गोलीबारी की थी। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी और 32 लोग घायल हुए थे।
निदाल हसन अमेरिकी सेना में मेजर और मानसिक बीमारियों का इलाज करने वाला डॉक्टर था। 2009 में उसने फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर अपने साथी सैनिकों और दूसरे लोगों पर गोलियां चला दी थीं। हसन ने अपने हमले को जिहाद बताया था। उनका कहना था कि मुस्लिम देशों में अमेरिकी सेना की कार्रवाई के कारण उन्होंने हमला किया। 2013 में अमेरिकी सैन्य अदालत ने हसन को हत्या और हत्या की कोशिश का दोषी पाया। इसके बाद उसे मौत की सजा सुनाई गई।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि हसन को सैनिकों का फायरिंग स्क्वॉड गोली मारेगा। यानी सैनिकों की एक टीम उन पर गोलियां चलाएगी। हेगसेथ के मुताबिक, इस सजा को सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि लोग इसे देख सकें। उन्होंने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी सेना ने फायरिंग स्क्वॉड से किसी को मौत की सजा नहीं दी है। अमेरिकी सेना ने आखिरी बार 13 अप्रैल 1961 को सैनिक जॉन बेनेट को फांसी दी थी। करीब 65 साल बाद सेना फिर किसी को मौत की सजा देने की तैयारी कर रही है। हसन को उसी फोर्ट हुड मिलिट्री बेस पर सजा देने की योजना है, जहां उसने हमला किया था।











