
हरियाणा के विभिन्न विभागों, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट सोसायटी में 700 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सीबीआई ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
बर्तन कारोबारी गौरव कांसल के अलावा सिद्धार्थ नरूला, मोहित और मनोज शामिल हैं। चारों को पंचकूला की सीबीआई अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेजा है।
सीबीआई के अनुसार, गौरव ने सरकारी खातों से निकाली गई रकम को कैश में बदलने और उसे दोबारा बैंक खातों में जमा कराने में अहम भूमिका निभाई। दो वर्षों के दौरान उसने आइडीएफसी बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर और मामले के कथित मास्टरमाइंड रिभव ऋषि के साथ मिलकर 94 करोड़ रुपये ठिकाने लगाए।
इसकी जांच की जा रही है कि रकम किन लोगों तक पहुंची और उससे कहां संपत्ति खरीदी गई। सीबीआई के मुताबिक, छह दिसंबर 2023 से पांच दिसंबर 2025 के बीच जाली कंपनियों आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स से भारत डिस्ट्रिब्यूटर्स के खाते में 82 लेन-देन के जरिए 26.78 करोड़ रुपये भेजे गए।
इसके बदले 66 लेन-देन के माध्यम से 25.18 करोड़ रुपये वापस भेजे गए। एजेंसी का आरोप है कि इस लेन-देन के बदले कैश भी दिया गया। सरकारी खातों से निकाली गई रकम को सीधे खर्च करने के बजाय कई बैंक खातों से घुमाकर कैश में बदला जाता था, ताकि स्रोत और अंतिम लाभार्थियों का पता लगाना मुश्किल हो।









