
• साबुन से सही तरीके से हाथ धोकर संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है: सीएमओ
• हाथों की सफाई से होगा डायरिया और निमोनिया से बचाव
• पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधियों ने बच्चों को सिखाए हाथ धोने के छह चरण
• सुमन-के अपनाओ, संक्रमण भगाओ
आगरा,
जिले में स्वास्थ्य विभाग, पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के संयुक्त सहयोग से गुरुवार को ‘विश्व हाथ धुलाई दिवस’ (Global Handwashing Day) के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ये कार्यक्रम ब्लॉक बरौली अहीर के नगला महादेव उच्च प्राथमिक विद्यालय, बगदा आंगनवाड़ी केंद्र, लोहामंडी के प्रेम नगर प्राथमिक विद्यालय और सिकंदरा स्थित प्राथमिक विद्यालय बालक में आयोजित हुए।
कार्यक्रम के दौरान पीएसआई इंडिया के असिस्टेंट मैनेजर प्रोग्राम पंकज कुमार और एफपीसी आरती द्विवेदी ने स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को हाथ धोने के 6 सही चरणों के बारे में विस्तार से बताया। पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधियों ने ‘सुमन-के’ (SUMAN-K) फॉर्मूले के माध्यम से हाथ धोने की सही विधि का सजीव डेमो दिया। उन्होंने बताया कि इस आसान फॉर्मूले को याद रखने से महज 20 सेकंड में हाथों की पूरी सफाई हो जाती है साथ ही नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने से डायरिया के संक्रमण से बचाव होता है। डेमो के बाद उपस्थित सभी बच्चों, महिलाओं और समुदाय के लोगों को रोजाना इसी विधि से हाथ धोने और अपने परिवार व पड़ोस के लोगों को भी इस आदत के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि “विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में साबुन से हाथ धोने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साबुन से हाथ धोना बीमारी से बचाव का सबसे सरल और सस्ता तरीका है। हमारा लक्ष्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर बच्चों और स्कूलों तक यह संदेश पहुँचाना है कि डायरिया, पेट के संक्रमण और निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से केवल साबुन से सही तरीके से हाथ धोकर बचा जा सकता है। यह दिन लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में स्वच्छता को आदत बनाने और स्वस्थ व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करता है।”
डिप्टी सीएमओ (आरसीएच) डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि हाथों की स्वच्छता ही बेहतर स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है। विश्व हाथ धुलाई दिवस का मुख्य उद्देश्य आमजन को यह समझाना है कि गंदे हाथों के ज़रिए कई संक्रामक बीमारियाँ हमारे शरीर में प्रवेश करती हैं। यदि हम खाना खाने से पहले, शौच के बाद और बच्चों को खाना खिलाने से पहले साबुन-पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोने की आदत बना लें, तो कई गंभीर बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि, “शोध बताते हैं कि सिर्फ खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने से डायरिया के मामलों में 45 से 47 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है।
एनयूएचएम व अर्बन के नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि गोपाल “डायरिया खासकर 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। दूषित हाथों से खाना खाने पर रोटा वायरस, ई-कोलाई जैसे खतरनाक कीटाणु पेट में चले जाते हैं, जिससे दस्त और उल्टी की समस्या शुरू होती है। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और बच्चा धीरे-धीरे कुपोषण का शिकार हो जाता है। साबुन से हाथ धोना किसी टीके से कम नहीं है। यह बीमारी से बचाव का सबसे सस्ता और असरदार तरीका है।”
इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रिया, रेनू, रजनी, उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला महादेव से जुलेखा जी, प्राथमिक विद्यालय प्रेम नगर से शिक्षा मित्र यशोदा और रेनू तथा प्राथमिक विद्यालय सिकंदरा बालक से अध्यापक रितु, सविता और लता सहित बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
‘सुमन-के’ (SUMAN-K) फॉर्मूले के माध्यम से हाथ धोने की सही विधि-
• S सीधा- सबसे पहले दोनों हथेलियों को सीधा आपस में रगड़ें।
• U उल्टा- हथेलियों के पीछे की तरफ उल्टा करके रगड़ें।
• M मुट्ठी- उंगलियों को आपस में फंसाकर मुट्ठी बनाकर सफाई करें।
• A अंगूठा- दोनों हाथों के अंगूठों को घुमा-घुमाकर साफ करें।
• N नाखून- उंगलियों के पोरों और नाखूनों को हथेली पर रगड़ें।
• K कलाई)- अंत में दोनों हाथों की कलाइयों की अच्छी तरह सफाई करें।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन मौकों पर साबुन से हाथ धोना सबसे जरूरी है–
• हर बार कुछ भी खाने से पहले हाथ धोना अनिवार्य है।
• शौचालय का उपयोग करने के बाद तुरंत साबुन से हाथ धोएं।
• माताएं बच्चे को दूध या खाना खिलाने से पहले हाथ जरूर धोएं।
• छोटे बच्चों की पॉटी साफ करने या नैपी बदलने के बाद।
• रसोई में खाना पकाने या परोसने से पहले।
• पालतू जानवर, मवेशी या कूड़ा-कचरा छूने के बाद।
• खांसी, जुकाम या छींक आने पर मुंह पर हाथ रखने के बाद।
• बाजार, स्कूल या काम से लौटने पर सबसे पहले हाथ धोएं।










