छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के घुटरा गांव में ‘राष्ट्रपति’ मजदूरी कर रहा है

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के घुटरा गांव में ‘राष्ट्रपति’ महोदय मजदूरी कर रहे हैं। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। गाँव में उन्हें सब लोग राजपति कहते हैं।

इस मामले को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को अलग-अलग पत्र लिखा है। कांग्रेस नेता सौरव मिश्रा ने अपनी याचिका में मांग की है कि ‘राष्ट्रपति’, ‘प्रधानमंत्री’, ‘मुख्यमंत्री’, ‘राज्यपाल’ और ‘भारत’ जैसे शब्दों को लोगों के नाम के रूप में इस्तेमाल करने को लेकर साफ नियम बनाए जाएं।

राष्ट्रपति सचिवालय से मिले पत्र के मुताबिक 17 सितंबर 2026 को इस मामले में की गई याचिका को आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के गृह सचिव और विधि एवं न्याय विभाग के संयुक्त सचिव के पास भेजा गया है। यह याचिका 8 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति को भेजी गई थी।

घुटरा गांव के रहने वाले राष्ट्रपति पेशे से मजदूर हैं। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। गांव के लोग उन्हें आमतौर पर ‘राजपति’ कहकर बुलाते हैं। हालांकि, स्कूल की मार्कशीट और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेजों में उनका नाम ‘राष्ट्रपति’ ही दर्ज है।

जानकारी के अनुसार, प्राथमिक स्कूल घुटरा के दाखिला रजिस्टर में 14 जुलाई 1988 को उनका नाम राष्ट्रपति ही लिखा गया था।

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के घुटरा गांव में ‘राष्ट्रपति’ नाम वाले व्यक्ति का मामला अब राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंच गया है। इस नाम को लेकर अब देश में संवैधानिक पदों के व्यक्तिगत इस्तेमाल पर कानूनी नीति बनाने की मांग उठाई गई है।

SHARE