दिव्य सेवा ट्रस्ट ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ मनाया सेवा एवं आत्मीयता का उत्सव

आगरा।
दिव्य सेवा ट्रस्ट, आगरा की ओर से आज राधास्वामी अंध विद्यालय, कालिंदी विहार, आगरा में दृष्टिबाधित बच्चों एवं बच्चियों को भोजन कराया गया। ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. अलका सेन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया, उनसे आत्मीय बातचीत की तथा उनके अनुभवों को जाना।

विद्यालय में बालकों एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग छात्रावास की व्यवस्था देखकर सभी ने प्रसन्नता व्यक्त की। विद्यालय में बच्चों की शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास भी सराहनीय हैं। बच्चे लुई ब्रेल पद्धति के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं तथा मोबाइल सहित आधुनिक तकनीक का उपयोग करना भी सीख रहे हैं। इससे वे दैनिक जीवन के अनेक कार्य आत्मविश्वास के साथ स्वयं कर पाते हैं। बच्चों की प्रतिभा, आत्मनिर्भरता और शिक्षकों के समर्पण को देखकर उपस्थित सभी सदस्यों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।

दिव्य सेवा ट्रस्ट का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों के बीच सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है। ट्रस्ट की ओर से यह प्रयास किया जाता है कि पदाधिकारियों एवं सदस्यों के जन्मदिवस और वैवाहिक वर्षगाँठ जैसे विशेष अवसरों को सेवा कार्यों के माध्यम से मनाया जाए। इससे व्यक्तिगत खुशियाँ समाज के साथ साझा होती हैं और दूसरों को भी सेवा एवं परोपकार के लिए प्रेरणा मिलती है।

कार्यक्रम में ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. अलका सेन, सचिव डॉ. राकेश शुक्ला, संरक्षक श्री संतोष कुमार कुलश्रेष्ठ, श्री सुशील कुमार एवं मीडिया प्रभारी श्री सौरभ कुलश्रेष्ठ श्री सहतोष गौतम, श्री राजीव मोहन खेरा, डॉ. शर्मिला गुप्ता, श्री अखिलेश कुमार दुबे, श्री सुरेश बाबू कुशवाह, डॉ. प्रयाग शंकर, श्री वंश बत्रा, श्री राघव शर्मा, श्री विकास शर्मा, प्रियांका, राखी, कृष्णा एवं बीरू अनेक को पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

विद्यालय की प्राचार्या, शिक्षकगण एवं अन्य कर्मचारियों ने भी इस सेवा कार्य की सराहना की। सभी उपस्थित सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताने को एक सुखद एवं प्रेरणादायी अनुभव बताया।

दिव्य सेवा ट्रस्ट का यह प्रयास समाज को संदेश देता है कि जन्मदिवस और अन्य खुशियों के अवसर केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें सेवा, संवेदना और जरूरतमंदों के साथ खुशियाँ बाँटने का माध्यम भी बनाया जाए।

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