
“आजाद हिन्द फौज” (आईएनए) के स्थापना दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आईएनए के पराक्रमी सेनानियों को कोटि कोटि नमन
आजाद हिंद फौज (आईएनए) के स्थापना दिवस पर आज हम सभी भारतवासी नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आईएनए के पराक्रमी सेनानियों को कोटि कोटि नमन करते हैं। इस अवसर पर अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने तथा राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना के सेनानियों को नमन किया है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पोस्ट में कहा, “मां भारती की स्वाधीनता के लिए गठित आजाद हिंद फौज के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं। अमर शहीदों को नमन।”
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर लिखा, “आजाद हिन्द फौज (आईएनए) के स्थापना दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आईएनए के पराक्रमी सेनानियों को कोटिशः नमन एवं वंदन! नेताजी के नेतृत्व में वर्ष 1943 में ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तिरंगा फहराकर भारत की आजादी की घोषणा करने वाले आईएनए के वीर सेनानी अनंतकाल तक राष्ट्रप्रथम की प्रेरणा बने रहेंगे। उनके त्याग, साहस और अटूट देशप्रेम की गाथाएं हमें राष्ट्रसेवा और एकता के लिए प्रेरित करती रहेगी।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में कहा, “भारतीय स्वाधीनता संग्राम में राष्ट्रनिष्ठा, अदम्य साहस और बलिदान की गौरवशाली गाथा लिखने वाली आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर मां भारती के वीर सपूतों को शत-शत नमन। यह दिवस केवल एक सैन्य संगठन के गठन का स्मरण नहीं, बल्कि उस अदम्य संकल्प का स्मरण है, जिसने स्वाधीनता की आकांक्षा को सशस्त्र संघर्ष का स्वर दिया, भारतीयों के हृदय में स्वराज का विश्वास जगाया और राष्ट्र के लिए सर्वस्व समर्पण की प्रेरणा दी। वीर सेनानियों का शौर्य और त्याग स्वतंत्रता के इतिहास में सदैव अमर रहेगा।”
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, “कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में नई चेतना फूंकने वाली आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर मां भारती की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सभी अमर बलिदानियों और वीर सेनानियों को कोटि-कोटि नमन!”
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले सभी वीर सेनानियों को कोटि-कोटि नमन। नेताजी ने अपने अदम्य साहस, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण से देशवासियों में स्वतंत्रता का विश्वास जगाया। वर्ष 1943 में अंडमान-निकोबार में तिरंगा फहराने की ऐतिहासिक घटना उनके संघर्ष और आजाद हिन्द फौज के संकल्प की प्रतीक है। इन वीर सेनानियों का त्याग, शौर्य और देशप्रेम सदैव हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।”











