मालवीय – अटल काव्यांंजलि : विश्व कीर्तिमान, श्री गुरुगोविन्द सिंह के परिवार को भी श्रद्धांंजलि – पार्थसारथि थपलियाल

मालवीय-अटल काव्यांजलि का आयोजन
पार्थसारथि थपलियाल।

पांचवे वैश्विक प्रकृति फिल्म महोत्सव के तीसरे दिन में बना विश्व कीर्तिमान, महाराणा प्रताप के वंशज श्री सोदान सिंह ने किया शुभारंभ। श्री गुरु गोविंद सिंह परिवार का बलिदान सप्ताह में श्री गुरु गोविंद सिंह जी को भी स्मरण किया गया। मालवीय-अटल काव्यांजलि 11:11 घंटे तक चला विराट कवि सम्मेलन।

विश्व में पहली बार देश के दो भारत रत्नों एवं दो महानायकों श्री गुरुगोविंद सिंह व महाराणा प्रताप को एक साथ स्मरण किया गया। आज से पहले शायद ही कोई एसा आयोजन हुआ।

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भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय और अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती के अवसर पर 25 दिसम्बर 2020 को विश्व मित्र परिवार द्वारा तरंग न्यूज़ चैनल पर एक विराट कवि सम्मेलन का सजीव आयोजन किया गया। चैनल के प्रमुख श्री गुरुजी भू के सपने को मूर्त रूप दिया पार्थसारथि थपलियाल ने।

भारत हॉट डॉट ऑनलाइन और एम एस सेल्स कॉर्पोरेशन द्वारा प्रायोजित यह कार्यक्रम है। विश्व मित्र परिवार, विश्व मीडिया परिवार, विश्व किसान परिवार, विश्व महिला परिवार, प्रकृति परिवार और बीटीएक्स सिटी द्वारा संयुक्त आयोजक है। ग्लोबल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और अमेठी यूनिवर्सिटी कार्यक्रम के नॉलेज पार्टनर है।

भारतीय संस्कृति के पल्लवन और संवर्धन को समर्पित “विश्व मित्र परिवार” भारतीय भाषा, साहित्य, संस्कृति, इतिहास, भूगोल, पर्यावरण आदि अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य निशुल्क, निस्वार्थ एवं परमार्थ की कामना के साथ कर रही है।
काल का आयोजन मालवीय जी और अटल जी जो अपनें अपने समय के लोकहृदय सम्राट रहे, उनके कार्यों और योगदान को स्मरण करते हुए काव्यांजलि के रूप में आयोजित किया गया जिसमें देश के विभिन्न भागों से प्रख्यात कवियों ने अपनी काव्य रचनाएं प्रस्तुत की।

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भाग लेने वाले कवियों में शामिल थे- शिवदान सिंह राणावत (उदयपुर) दीपा गुप्ता (अटल सम्मान से सम्मानित, 2020), अजय तोमर (बागपत) सुमन पडियार (नवोदित-राजस्थान), महावीर सिंह पटवाल गढ़वाल), कुसुम पंत “उत्साही” (देहरादून), मनोज अबोध (बिजनोर), डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित (जोधपुर), शिविर कुमार बोहरा “त्रिकाल” (फलोदी), अंजु मल्होत्रा (दिल्ली), शरद जोशी “शलभ”(धार), भारती शर्मा (दिल्ली), अरुण पासवान (बिहार), प्रतिमा राजावत (इंदौर), डॉ. देवदत्त शर्मा (सोलन, हिमाचल) मनोज मिश्रा कप्तान (दिल्ली), अर्चना श्रीवास्तव, डॉ संगीता शर्मा अधिकारी, शशि प्रभा, डॉ इला कुमार, टीना पुरी जिंदल, (सभी दिल्ली) डॉ पी. सी. जैन, आर. सी. जैन (उदयपुर) डॉ अरुणा अचल (रोहतक, हरियाणा) डॉ कुसुम लुनिया, डॉ अर्चना सोशिल्य, डॉ अरुणा अचल, डॉ. शालिनी, डॉ. ममता, आर. सी गोयल, (सभी दिल्ली) डॉ. रतन सिंह चाम्पावत (मारवाड़), डॉ. सुखदेव राव (जोधपर)) किरण पुरोहित “हिमपुत्री” (कर्णप्रयाग), विनोदशंकर पांडे सहित लगभग 38 कवियों ने ऑन लाइन भाग लिया। जिसका प्रसारण तरंग न्यूज़, भारत समय, कामधेनु टीवी चैनल के माध्यम से यू ट्यूब, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया गया।

डॉ ऋचा चतुर्वेदी एवं रेणु हुसैन ने अपनी कविताओं से कार्यक्रम में नई ऊर्जा का सृजन किया।

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सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर आरंभ यह कवि सम्मेलन 11 घंटे 11 मिनट तक चला और रात 9 बजकर 21 मिनट पर सम्पन्न हुआ। शुरू में कवि सम्मेलन जिस ऊंचाई पर पहुंचा समापन तक इसकी ऊंचाई बनी रही। कवि सम्मेलन में विश्व मित्र परिवार संस्था के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मार्कण्डेय राय ने दोनों भारत रत्नों के योगदान का स्मरण किया, कवियों का स्वागत करते हुए उन्होंने अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की। देशप्रेम और राष्ट्रीय विचारों के पोषक इस कवि सम्मेलन में सभी कवियों का उत्तम योगदान रहा। फ़िरं भी इन रंगों में हिंदी के साथ साथ भाषाई में विविधता को बढ़ाया महाराणा प्रताप के वंशज शिवदान सिंह राणावत ने मेवाड़ी में, गजेसिंह राजपुरोहित ने मारवाड़ी में, देवदत्त शर्मा ने हिमाचली में, विनोदशंकर पांडेय ने संस्कृत में। ओज की युवा कवयित्री प्रतिमा राजावत ने ठंडे मौसम को गरम किया तो अंजू मल्होत्रा, मनोज अबोध, कुसुम पंत, अजय तोमर, शरद जोशी, और मनोज मिश्रा कप्तान ने राष्ट्रप्रेम की चासनी का स्वाद भी चखाया। दीपा गुप्ता, जिन्हें कल ही लखनऊ में अटल सम्मान 2020 से अलंकृत किया गया, ने अटल जी को समर्पित अपनी कई रचनाएं सुनाई। अंत मे चैनल व कार्यक्रम संचालक गुरु जी भू ने विशेष सह्योग के लिए ऋचा चतुर्वेदी और पार्थसारथि थपलियाल सहित सभी कवियों का आभार व्यक्त किया।

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