छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग राजधानी रायपुर में एक मॉस सर्वे करेगा जिसके तहत दांत रोगियों की घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा, ताकि गंभीर बिमारियों को रोका जा सके।
तम्बाखु, गुटखा के शौकीन हो या फिर मूह के सफाई का अभाव या फिर फ्लोराइड की समस्या, इससे दांत और मुंह में कई तरह की गंभीर बिमारियां हो जाती हैं। कभी कभी यह तो मुंह के कैंसर का रूप ले लेती हैं साथ ही कई तरह के गंभीर बिमारियों को बुलावा मिलता है।
स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर के लिए एक पॉयलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके तहत 103 एएनएम घर घर जाकर दांत के बिमारियों का पता लगाएंगी। प्रत्येक बुधवार को दंत चिकित्सक मरीजों का बेहतर उपचार करेगें।
स्वास्थ्य विभाग की टीम दांतों में सड़न, दातों में दाग धब्बे एवं परत का जमना जैसी समस्याओं का पता लगाएगी इसके अलावा दांत के फ्लोरोसिस दांतों का हिलना मुख कैंसर और पूर्व अवस्था की जांच नकली दांत की आवश्यकता किसी किसी भी खाद्य पदार्थ को खाते समय दांत में होने वाले दर्द संवेदनशीलता टेढ़े मेढ़े दांत मसुड़ों की सूजन और सूजन और पायरिया बीमारी के लक्षणों का पता लगाएगी। साथ ही मरीजों को आगे बेहतर चिकित्सा के लिए रेफर किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल के बाद हजारों ऐसे लोग जो तंबाखू या गुटखा का सेवन करते हैं और मुख कैंसर को जाने अनजाने निमंत्रण देते हैं ऐसे लोगों को समय से पहले उपचार कर गंभीर बीमारी होने से बचाने का प्रयास करेगी। सरकार का दावा है कि योजना का फायदा व्यापक होगा।
रायपुर की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मीरा बघेल का कहना है कि तंबाखू के अधिक सेवन फ्लोराइड युक्त पानी पीने से दांत खराब होते हैं, साथ ही साथ जो लोग तंबाखू को दबा कर रखते हैं, इससे उनमें गंभीर बीमारी कैंसर होने की आशंका बनी रहती है। ऐसी कई बीमारियों का सर्वे से पता चलेगा और उसका समय पूर्व उपचार होगा।





