मोटे अनाज की रोटी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। कुछ समय पहले तक लोग, खासकर गांवों में मोटे अनाजों का सेवन करते थे और स्वस्थ रहते थे। लेकिन आजकल लोग मोटे अनाजों से बनी चीजें खाने से दूर भागते हैं और इन्हें खाने में अपनी तौहीन समझते हैं। यही कारण है कि आजकल लोग अधिक बीमार रहते हैं क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है।
यदि आप अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग हैं तो मोटे अनाजों को अपने खाने में शामिल करें। इन्हें आप अनेक प्रकार से खा सकते हैं। इनके आटे से रोटी, बिस्कुट, सत्तू आदि बनाकर आप खा सकते हैं। इन्हें भूनकर खा सकते हैं। इन्हें अंकुरित करके खा सकते हैं। इनका पौष्टिक दलिया या खीर बनाकर खा सकते हैं।
यदि मोटे अनाजों के गुणों के बारे में सोच रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए इनके कुछ गुण या फायदे आपको बताए देते हैं।
1. बाजरे की रोटी एवं बाजरे की खिचड़ी : बाजरा गर्मी देता है और मैग्नीशियम, कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है जिससे आपको शक्ति मिलती है।
2. मक्के का सेवन : पंजाब में बहुत पसंद की जाने वाली मक्का पौष्टिक आहार है। मक्के की रोटी शुगर वालों के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है।
3. जौ की रोटी एवं सत्तू : जौं यूपी और बिहार में बहुत लोकप्रिय है। जौ की रोटी फाइबर से भरपूर होती है और पाचन में मदद करती है। जौं का सत्तू गर्मी को मारने वाला होता है और गर्मी में लू से बचाव करता है साथ ही शक्तिवर्धक भी होता है।
4. चने की रोटी: प्रोटीन से भरपूर, चने की रोटी शाकाहारियों के लिए एक अच्छा विकल्प है। चने अंकुरित करके खाना भी अत्यंत लाभकारी होता है।
5. ज्वार : महाराष्ट्र में बहुत लोकप्रिय ज्वार की रोटी फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होती है। ज्वार का दलिया भी स्वादिष्ट एवं पौष्टिक होता है।
इन मोटे अनाजों की रोटी को अपने आहार में शामिल करने से न केवल आपको स्वादिष्ट विकल्प मिलेंगे, बल्कि आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी।
मोटे अनाज में कई पोषक तत्व होते हैं और इनके कई फ़ायदे हैं :
मोटे अनाज में गेहूं और चावल की तुलना में साढ़े तीन गुना ज़्यादा पोषक तत्व होते हैं। इनमें खनिज लवण भी भरपूर मात्रा में होते हैं। मोटे अनाज शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करते हैं। ये खून की कमी को पूरा करते हैं। मोटे अनाज मधुमेह को रोकते हैं।
मोटे अनाज गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए भी लाभकारी वो सेहतमंद होते हैं।
मोटे अनाज में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है, जो हाई बीपी और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम करने में मदद करता है। मोटे अनाज में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरकर रखते हैं। ये तासीर में गर्म होते हैं, जिससे सर्दियों में शरीर को गर्माहट मिलती है।
ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, चना, कोदो, कुटकी, और कुट्टू आदि को मोटा अनाज कहा जाता है।







