
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान फ्रांस में यूपीआई के निरंतर विस्तार और दोनों देशों के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े संस्थानों के बीच 19 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को पांच साल के अंदर दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय सिस्टम बनाने पर सहमति जताई। उन्होंने आर्थिक विकास, तकनीक और टैलेंट मोबिलिटी के क्षेत्र में आपसी संबंधों को मजबूत करने और उनमें विविधता लाने के लिए विचार भी साझा किए।
नीस में दोनों नेताओं के बीच हुई मीटिंग के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया, “दोनों नेताओं ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता को जल्द लागू करने की मांग की, जो आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ाने का एक खास मौका देता है। नेताओं ने एसएमई, एविएशन और रेलवे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। उन्होंने कानपुर में एरोनॉटिक्स में स्किलिंग के लिए उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) बनाने के समझौते का स्वागत किया। आर्थिक सुरक्षा पर डायलॉग शुरू करने का स्वागत करते हुए दोनों नेता सप्लाई चेन की मजबूती, खासकर जरूरी मिनरल्स को मजबूत करने पर सहमत हुए।”
पीएम मोदी ने नई शिक्षा नीति के तहत भारत में कैंपस खोलने के लिए फ्रांस के विश्वविद्यालों को आमंत्रित किया। भारत और फ्रांस के संबंधों में इनोवेशन और तकनीक की अहम भूमिका को पहचानते हुए दोनों पक्षों ने साझेदारी को लंबे समय की दिशा देने के लिए ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’ अपनाया। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त भारत-फ्रांस एआई वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमती बनी।
नीस में भारत इनोवेट्स के संयुक्त उद्घाटन और पेरिस में होने वाले ‘विवाटेक’ में प्रधानमंत्री की आगामी भागीदारी ने डीप-टेक, सेमीकंडक्टर, एग्री-टेक, मेड-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाया है।










