नई दिल्ली।
भारत में भी दौड़ेगी हाइपरलूप कैप्सूल ट्रेन, 4 घंटे का सफर 25 मिनट में पार हो जाएगा। इसकी रफ्तार 1000 किमी प्रतिघंटा तक हो सकती है। इसमें एक पॉड में 24 से 28 यात्री बैठ सकते हैं। भारत में पहली हाइपरलूप परियोजना मुंबई और पुणे के बीच प्रस्तावित है। अभी इस यात्रा में 4 घंटे तक का समय लग जाता है लेकिन इस हाइपरलूप से ये सफर मात्र 25 मिनट में ही तय हो जाएगा।
हाइपरलूप एक हाई-स्पीड ट्रेन है, जो वैक्यूम ट्यूब में चलती है। इसकी अधिकतम गति एक हजार किलोमीटर प्रतिघंटे तक जा सकती है। इसमें पॉड्स को वैक्यूम ट्यूब के भीतर चुंबकीय तकनीक पर चलाया जाता है। इस प्रणाली में ऊर्जा खपत बेहद कम होती है और इससे कोई प्रदूषण उत्पन्न नहीं होता है।

बेंगलुरु-चेन्नई के बीच भी हाइपरलूप ट्रेन चलाने की योजना पर रेलवे काम कर रहा है। रेलवे मंत्रालय और आईआईटी मद्रास इस तकनीक पर शोध कर रहे हैं। यह दूरी महज 30 से 40 मिनट में तय हो सकेगी।







