जिस रास्ते के द्वारा आज भी मंजिल पर पहुँचना मुश्किल है
वहाँ आसनी से मिला रहा है समुदाय को स्वास्थ्य लाभ
लखीसराय।
कहते हैं जहां चाह है, वहां राह है। इस बात को चरितार्थ करते हुए जिले में सरकार लोगों को उस जगह पर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा रहा हैं। जहां आज भी समय पर लोगों को पहुंचने के लिए घंटों इंतजार के बाद ही कोई साधन उपलब्ध हो पाता है। पर वहां अब स्वास्थ्य सेवा के लिए लोगों को इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। ये स्वास्थ्य सेवा जिस माध्यम मिल रहा है उस माध्यम का नाम है हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र।
सिविल सर्जन डॉ बीपी सिन्हा कहते हैं जिले में अभी कुल 106 हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र कार्यरत है, जो गांवों एवं पहाड़ों के तलपट्टी में अवस्थित होते हुए भी वहां के लोगों के स्वास्थ्य सेवा का भरपूर ख्याल रख रहा है। इस केंद्र के होने से गांव के लोग अपने ही स्वास्थ्य लाभ के लिए ये सोचने को मजबूर हो जाते थे कि समय मिलने पर ही इलाज हेतु स्वास्थ्य केंद्र यानि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक जाएंगे। वो भी अब बेहिचक बिना समय गवांयें अपने इलाज हेतु पास के हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र पर पहुंच रहे हैं।
जिले के सूरजगढ़ा प्रखंड के हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र पर अपना इलाज करवा चुकी खावा गांव निवासी 40 वर्षीया बबिता देवी कहती है। हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र खुलने से मुझे ही नहीं बल्कि सभी गाँव वाले को गाँव में ही इलाज निःशुल्क मिल जाता है। जो हम सब के लिए एक बड़ी व्ववस्था है और ये सभी के लिए हितकारी भी साबित हो रहा है।
इसी प्रखंड के लखना हेल्थ एंड वेलनेस जो पहाड़ों के तलहट्टी में बसा है एवं वहाँ के समुदाय को स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहा है। इस केंद्र पर अपना इलाज कराने के बाद टीबी जैसे संक्रमित बीमारी से उबर कर पहले की तरह अपनी जिंदगी जीने वाले अधिक यादव कहते हैं कि जब उन्हें पता चला की उसे टीबी हो चुका है, तो वो बहुत ही अधिक घबरा गया था ये सोचकर कि वो कहाँ से अपना इलाज करवा पाएगा। जबकी वो सदर मुख्यालय से इतना दूर रह रहा है। पहाड़ों के बीच और ना ही उसके पास इलाज के लिए पैसे हैं।
अधिक यादव इस बारे में बात करते हुए बताते हैं कि जब आशा ने बताया कि इस बीमारी का इलाज गांव-वाले अस्पताल में ही किया जाएगा और वो भी निःशुल्क। आशा दीदी के बात पर तब मुझे यकीन नहीं हुआ था। पर जब आशा दीदी ने मेरा चेकअप कराने के बाद दवा भी उपलब्ध करा दी, तब मुझे यकीन हुआ कि हम जैसे लोग जो रोज मजदूरी कार्य पर जाने वाले लोग हैं, उनके लिए लिए ये केंद्र किसी वरदान से कम नहीं है। इस केंद्र के माध्यम से मैं आज टीबी को मात देकर बिल्कुल स्वस्थ्य हूं।







