पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा – पाकिस्तान की जिहादी नीतियां न केवल उसके अपने देश बल्कि पड़ोसी देशों के लिए भी खतरा हैं

पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा है कि पाकिस्तान की जिहादी नीतियां न केवल उसके अपने देश बल्कि पड़ोसी देशों के लिए भी खतरा हैं। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में खुद स्वीकार किया था कि दशकों तक पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया।

हुसैन हक्कानी ने हाल ही में एक एक्स पोस्ट के जरिए पाकिस्तान की सैना और राजनीतिक पार्टियों की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भारत को दुश्मन बताने की बजाय पाकिस्तान को अपनी जिहादी सोच और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर ध्यान देना चाहिए, जो देश के लिए असली खतरा हैं।

उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “भारत का एक क्रूर आतंकवादी हमले पर दुखी और क्रोधित होना सही है। पाकिस्तान को सबूत मांगने का अधिकार है। दुनिया को तनाव कम करने के लिए कहना सही है। अब, क्या हम असली मुद्दे पर चर्चा शुरू कर सकते हैं? चरमपंथी विचारधाराएँ और जिहादी आतंकवादियों का समर्थन”

हक्‍कानी ने साफ तौर पर बिना किसी का नाम लिए पाकिस्‍तान को कठघरे में खड़ा किया। उन्‍होंने माना कि पाकिस्तान की सैन्य और सिविलियन लीडरशिप भारत को दुश्मन नंबर एक बताकर अपनी नीतियों को जायज ठहराती रही है। लेकिन असल खतरा जिहादी विचारधारा है, जिसे दशकों से पाकिस्‍तान ने ही पोषित किया गया।

हाल ही में पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ब्रिटिश मीडिया से बातचीत के दौरान यह कबूल किया था कि दशकों तक पाकिस्‍तान अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए आतंकवाद को पालता पोसता रहा। लेकिन हक्कानी का कहना है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली नीतियां अब पाकिस्तान के लिए बोझ बन चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, समाज और अंतरराष्ट्रीय छवि को बचाने के लिए जिहादी सोच को पूरी तरह खत्म करना होगा।

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