नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में पटाखों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है और अब एनसीआर में शामिल अन्य राज्यों को एक महीने के भीतर प्रतिबंध लगाना होगा। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा आदेश के अनुपालन का हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि पटाखों का निर्माण, भंडारण आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि इस आधार पर हम एनसीआर के क्षेत्रों में राजस्थान, यूपी और हरियाणा को ईपीए की धारा 5 के तहत इसी तरह के निर्देश जारी करने का निर्देश देते हैं और इसे एक महीने के भीतर जारी किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने बीते 3 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को सही ठहराया था। अदालत ने कहा था कि जब तक यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो जाता कि ग्रीन पटाखों से जीरो प्रदूषण होता है, तब तक प्रतिबंध के पुराने आदेश में बदलाव करने का कोई औचित्य नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा था कि स्वच्छ वातावरण में जीना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरों को देखते हुए पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया था।








