नई दिल्ली।
भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने अडिग रुख पर कायम है । भारत ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध जारी रहेंगे। यदि पकीभारत ने पाकिस्तान को तीन दिन चले सैन्य संघर्ष के दौरान भारी नुकसान पहुंचाया। इसमें पाकिस्तानी सेना के मॉडर्न लड़ाकू विमानों को मार गिराना और राजधानी इस्लामाबाद के निकट प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाना भी शामिल है। मिलिट्री के टॉप अधिकारियों ने रविवार को ये जानकारी दी। सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि संघर्ष में 35-40 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और नई दिल्ली ने अपने तय टारगेट हासिल कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान ने कोई दुस्साहस किया तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
विदेश मंत्रालय ने शनिवार 5 बजकर 55 मिनट पर सीजफायर पर फैसले का ऐलान किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच बातचीत पर यह सहमति बनी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि पाकिस्तान के DGMO ने शनिवार दोपहर बाद 3:35 बजे भारतीय डीजीएमओ को फोन किया। दोनों डीजीएमओ की सोमवार यानी आज फिर बातचीत होनी है।
भारत ने शनिवार को बड़ा ऐलान किया कि भविष्य में किसी भी आतंकी हमले को भारत के खिलाफ जंग की कार्रवाई माना जाएगा। ऐसी सूरत में युद्ध के मानकों के अनुसार ही ऐसे आतंकी हमलों का जवाब दिया जाएगा। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुआई में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया कि आतंकी हमले को ‘Act Of War’ माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले का दोहरा असर होगा। पहला- आतंक को प्रश्रय और प्रोत्साहित करने वाला पाकिस्तान ऐसी हरकत से पहले कई बार सोचेगा। दूसरा- आतंकी संगठनों तक भी संदेश जाएगा कि अब उनकी हरकत को छिपा पाना नामुमकिन ही होगा।







