नई दिल्ली।
तुर्की द्वारा पाकिस्तान का समर्थन करने की वजह से भारत ने पाकिस्तान के हिमायती तुर्की पर एक्शन किया। जिसके बाद भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण इसकी सहायक कंपनियों की सुरक्षा मंजूरी कैंसल कर दी थी, तो तुर्की को दो दिन में 2500 करोड का नुकसान हुआ है। तुर्की की एयरपोर्ट ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी सेलेबी हावा सर्विसी का मार्केट कैप मात्र दो दिनों में 2,500 करोड़ रुपए (293 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से ज्यादा कम हो गया है। गुरुवार और शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में लगभग 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने गुरुवार को सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया की सुरक्षा मंजूरी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। इस कदम से देश में संचालित समूह की सभी संबद्ध यूनिट्स प्रभावित हुईं। भारतीय अधिकारियों द्वारा यह कार्रवाई पिछले सप्ताह भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान तुर्की द्वारा पाकिस्तान को समर्थन दिए जाने के बाद की गई।
2009 में भारतीय बाजार में प्रवेश करने के बाद से, सेलेबी ने 250 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है और 10,000 से अधिक भारतीयों को रोजगार दिया है। यह पांच अलग-अलग सहायक कंपनियों के माध्यम से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित देश भर के 9 एयरपोर्ट पर काम करती है। उनमें से सबसे बड़ी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया छह एयरपोर्ट पर काम कर रही थी। सेलेबी के ऑपरेशन को निलंबित करने के साथ, भारत में कई एयरपोर्ट और एयरलाइंस अब एआई एयरपोर्ट सर्विसेज, एयर इंडिया एसएटीएस और बर्ड ग्रुप जैसे वैकल्पिक ग्राउंड हैंडलर पर जा रहे हैं। इस बीच, कंपनी ने सोशल मीडिया पर अपने स्वामित्व को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की बेटी सुमेये एर्दोगन बायरकटर से जोड़ने के दावों का खंडन करते हुए एक स्पष्टीकरण भी जारी किया।








