जिला महिला अस्पताल में मनाया गया मासिक धर्म स्वच्छता दिवस

‘मासिक धर्म स्वच्छता पर खुलकर करनी होगी चर्चा’

– जानकारी व सुविधाओं के अभाव में महिलाओं को करना पड़ता है गंभीर समस्याओं का सामना

– जिला महिला अस्पताल में मनाया गया मासिक धर्म स्वच्छता दिवस

आगरा, 28 मई 2025

जिला महिला अस्पताल में बुधवार को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी आयोजित की गई। इस गोष्ठी में किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व और इसके लिए आवश्यक उपायों के बारे में जानकारी दी गई।

माहवारी स्वच्छता प्रबंधन कार्यक्रम परामर्शदाता रूबी बघेल ने बताया कि मासिक धर्म स्वच्छता दिवस ” To Make Menstrual A Normal Part of Life” थीम पर मनाया गया। यह विषय सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मासिक धर्म शिक्षा, स्वास्थ्य या अवसर तक पहुँच को सीमित न करें। इसका लक्ष्य एक ऐसी दुनिया बनाना है जहाँ मासिक धर्म पर खुलकर चर्चा की जाती है और जहाँ हर किसी के पास अपने मासिक धर्म स्वास्थ्य को गरिमा के साथ प्रबंधित करने के लिए आवश्यक संसाधन और सहायता उपलब्ध हो।

परामर्शदाता अरविंद कुमार ने बताया कि मासिक धर्म स्वच्छता दिवस एक ऐसा दिन है जो हमें याद दिलाता है कि यह एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया है, जिससे जुड़ी चुप्पी अब खत्म होनी चाहिए। यह चिंता की बात है कि आज भी माहवारी से जुड़े विषय पर बात करना शर्म का कारण माना जाता है, जिससे कई लड़कियां और महिलाएं न सिर्फ शारीरिक बल्कि भावनात्मक रूप से भी चुपचाप पीड़ित होती हैं।

सिर्फ सैनिटरी पैड काफी नहीं:

फैमिली प्लानिंग काउंसलर पिंकी बघेल ने बताया कि आज मासिक धर्म स्वच्छता सिर्फ सैनिटरी पैड या अन्य उत्पादों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें स्वच्छ और सुरक्षित सामग्री का उपयोग, साफ-सुथरी जगह पर बदलाव की सुविधा, उचित जानकारी और सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था भी शामिल है। दुर्भाग्य से, ग्रामीण क्षेत्रों और निम्न-आय वाले समुदायों में आज भी कई किशोरियों और महिलाएं इन मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित हैं। स्कूलों में स्वच्छ शौचालय या सैनिटरी उत्पादों की अनुपलब्धता के कारण अनेक छात्राएं इन दिनों स्कूल नहीं जातीं या पढ़ाई छोड़ देती हैं। खराब मासिक धर्म स्वच्छता यूरिन इन्फेक्शन ( यूटीआई), रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट इन्फेक्शन (आरटीआई) और त्वचा से जुड़ी समस्याओं का कारण बनती है।

हो सकती हैं गंभीर समस्या:

अगर पैड साफ न हो या समय पर न बदला जाए तो बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे दर्दनाक संक्रमण हो सकते हैं। कुछ मामलों में ये दीर्घकालिक प्रजनन स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। यूरिन इंफेक्शन से बचने केलिए इसका ध्यान रखना जरूरी है। एक ही पैड को लंबे समय तक पहनने या अनुपयुक्त सामग्री के उपयोग से खुजली, फंगल इंफेक्शन या चकत्ते हो सकते हैं।बार-बार संक्रमण से गर्भाशय ग्रीवा में लगातार सूजन हो सकती है, जो एचपीवी जैसे गंभीर संक्रमणों का रास्ता खोल देती है।

जिला महिला चिकित्सालय आगरा की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. रचना गुप्ता ने विस्तृत जानकारी देते हुए मासिक धर्म स्वच्छता बनाए रखने के जरूरी उपाय बताए।

• स्वच्छता और आराम, वह सैनेटरी उत्पाद चुनें जो साफ-सुथरा और आरामदायक हो जैसे सैनिटरी पैड, टैम्पॉन, मेंस्ट्रुअल कप या पुन: प्रयोज्य कपड़े का पैड।

• नियमित बदलाव, हर 4-6 घंटे पर पैड बदलना चाहिए या इससे पहले यदि आवश्यक हो।

• साफ पानी से धोना, हर बार बदलाव के दौरान गुनगुने पानी से सफाई पर्याप्त होती है, कठोर साबुन या इंटिमेट वॉश से बचें।

• सही निस्तारण, इस्तेमाल किए गए पैड को कागज में लपेटकर फेंके। यदि कपड़े का पैड इस्तेमाल कर रही हैं, तो उसे ठीक से धोकर धूप में सुखाएं।

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