
अफगानिस्तान भी था भारत का हिस्सा, मुगलों ने फारस (आज का ईरान) के नादिर शाह से हारकर खो दिया था अफगानिस्तान और नादिर शाह से संधि करके उसे सौंप दिया था। 26 मई वह तारीख है जिस दिन भारत को अपना एक अंग अफगानिस्तान खो देना पड़ा था। आज से 285 वर्ष पहले मुगल वंश के शासक मुहम्मद शाह रंगीला और फारस (आज के ईरान) के शासक नादिर शाह के बीच संधि हुई जिसके तहत मुगल शासन ने आज के अफगानिस्तान के कई हिस्सों को खो दिया।
1739 में मुगल और ईरानी सेना के बीच करनाल की लड़ाई हुई थी। करनाल आज हरियाणा प्रदेश का हिस्सा है। दरअसल, 18वीं सदी में मुगल साम्राज्य कमजोर पड़ने लगा था। इसके कई कारण थे- आंतरिक कलह, वित्तीय संकट और बाहरी आक्रमण आदि। तत्कालीन मुगल शासक मुहम्मद शाह रंगीला के शासन में दूर-दराज के इलाकों पर मुगलों का नाममात्र का ही कब्जा रह गया था।
उसी वक्त ईरान के शासक नादिर शाह का उदय हो रहा था। नादिर शाह फारस का एक ताकतवर सिपहसलार था। उसने सफविद राजवंश को सत्ता से हटाकर अपना साम्राज्य विस्तार कर लिया था। उसकी नजर खास तौर पर अफगानिस्तान पर जा टिकीं। इसकी खास वजह भी थी, वो ये कि अफगानिस्तान फारस और मुगल साम्राज्य की सीमा को जोड़ता था।
फिर नादिर शाह की सेना आगे बढ़ी और 24 फरवरी, 1739 को करनाल में मुगलों की सेना के साथ उसकी भिड़ंत हो गई। करनाल की लड़ाई में नादिर शाह ने मुहम्मद शाह और निजाम-उल-मुल्क को पराजित कर दिया। फिर नादिर की सेना दिल्ली की तरफ कूच कर गई। वह पूरे रास्ते नरसंहार करते हुए दिल्ली पहुंचा और पूरे शहर में जमकर लूट-मार मचाई। नादिर शाह ने मुगलों से कोहीनूर हीरा भी ले लिया और दिल्ली दरबार को करीब एक सप्ताह तक घेर कर रखा था।
जब मुगलों के पास कोई चारा नहीं बचा, तो तत्कालीन मुगल बादशाह मुहम्मद शाह रंगीला ने नादिर शाह के सामने शांति प्रस्ताव रखा। दोनों के बीच समझौते के कुछ बिंदु तय हुए जिनमें सबसे प्रमुख था- सिंधु नदी के पार के सभी इलाकों से मुगलों का आधिपत्य छोड़ा जाना। मुगल बादशाह ने नादिर शाह को काबुल, गजनी, कंधार, पेशावर, मुल्तान, लाहौर और सिंध का कुछ हिस्सा दे दिया। इतना ही नहीं, मुगलों को युद्ध के बदले नादिर शाह को बड़ा हर्जाना भी देना पड़ा।
मुगल और फारस के शासकों के बीच हुए इस समझौते को कंधार की संधि के नाम से जाना जाता है। इस संधि के बाद मुगलों ने आज के अफगानिस्तान के इलाके हमेशा के लिए खो दिए और ये इलाके नादिर शाह के साम्राज्य के अधीन आ गए।






