
नई दिल्ली।
अब सुप्रीम कोर्ट में कर्मचारियों की सीधी भर्ती और प्रोन्नति में आरक्षण लागू किया गया है। केंद्र सरकार ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण लागू करने के लिए दो जुलाई 1997 को आदेश जारी किया था और अब उसके करीब 28 सालों के बाद सुप्रीम कोर्ट में कर्मचारियों की सीधी भर्ती और प्रोन्नति में आरक्षण लागू हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के औपचारिक रूप से 23 जून से आरक्षण नीति लागू की गई है। 23 जून को रजिस्ट्रार प्रदीप वाई. लाडेकर की ओर से जारी रोस्टर में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 15 फीसदी और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 7.5 फीसद आरक्षण का रोस्टर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में 24 जून को जारी सर्कुलर में सभी कर्मचारियों को इसके बारे में सूचित किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार कर्मचारियों की सीधी भर्ती और प्रोन्नति में आरक्षण नीति लागू की है। 24 जून को जारी सर्कुलर के अनुसार अनुसूचित जाति के लिए 15% और अनुसूचित जनजाति के लिए 7.5% आरक्षण होगा। यह आरक्षण रजिस्ट्रार वरिष्ठ निजी सहायकों सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों कनिष्ठ न्यायालय सहायकों और चैंबर अटेंडेंट जैसे पदों पर उपलब्ध होगा।








