
फिरोजाबाद।
अदबी व समाजी संस्था बज़्मे फ़रोग़े अदब और चराग़ सोसायटी फिरोज़ाबाद के तत्वावधान में मशहूर शायर कलीम नूरी के ग़ज़ल स़ग्रह का विमोचन ओसियन गार्डन फीरोजाबाद में डा० शमीम अहमद खां, शिवराज सिंह जिला अध्यक्ष (स०पा०)डा० दिलीप यादव जी ने सम्मिलित रुप से किया ।
इस अवसर पर एक शानदार मुशायरे का आयोजन भी किया गया जिसका उद्घाटन जाने माने वकील अब्दुल सलाम ऐडवोकेट ने किया ,सदारत दरगाह हज़रत शाह सूफी रह0 के अध्य़क्ष एंव समाज सेवी डाक्टर शमीम अहमद ख़ां साहब ,शम्मे अदब फ़रनीचर कान्ट्रेक्टर जनाब मुहम्मद अंसार साहब ,और शम्मे फरोजां चराग़ सोसायटी के डाइरेकटर और मशहूर समाज सेवी डाक्टर ज़फ़र आलम ने की , कार्यक्रम के कनवीनर फ़रोग़े अदब के सद्र हाजी असलम अदीब थे तथा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा० दिलीप यादव थे।
मुशायरे में दूर दराज़ से पधारे मशहूर शायरों ने भाग लेकर मोजूद श्रोताओं को वाहवाह करने पर मजबूर कर दिया। का्र्यक्रम का शुभारंभ नाते पाक से इलाहाबाद प्रयाग से पधारे अफ़ज़ल इलाहाबादी ने किया उसके बाद
ग़ज़ल पढ़ते हुएक्ष उमर पैकर ने कहा
तमाम ज़ख़्म तो भर जाते हैं बदन के मगर
वो ज़ख़्म भरता नहीं है जो भाई देता है
उसके बाद कोसी से पधारे शायर अशफा़क़ समर ने कहा
दिल में दुश्मन के फ़क़त इस लिये डर बाक़ी है
मेरे शानों पै अभी तक मेरा सर बाकी है
आगरा से पधारी शायरा शमीम कोसर का ये शेअर ख़ूब पंसद किया गया।
तिरी जब तलक मेहरबानी रहेगी
गुलोंपर हमेशा जवानी रहेगी
अलीगढ़ के शायर मुशर्रफ़ महज़र ने कहा ,- घबरा के ज़िन्दगी से नशेमन को छोड़ दें
हम नहीं जो मादरे वतन को छोड़ दें,
कलीम नूरी फी़रोजा़बादी से स्रोताओं ने कई ग़ज़लें और गीत सुने उनका ये शैर कई बार सुना गया- जुगनू ने उस से जंग का ऐलान कर दिया- सूरज को इस ख़बर ने परीशान कर दिया,
श्रोताओं की फ़रमाइशपर उन को ये गीत पढ़ना पडा़ अपने वतन की हर सरहद की करेंगे। म निगरानी -बाद में हैं हम हिन्दू मुस्लिम पहले हिंदुस्तानी,
और
मुहब्बत का दिया हर मोड़ पर हम को जलाना है- ये दीपक ऐसा है जिसका उजाला कम नहीं होता,
ग्वालियर की शायरा राना जे़बा ने यूं कहा –
“सर उठाने न देगी ये शर्मिंदगी -,
पार उतरे नहीं थे उतारे गये”
कमर वारसी ने कहा
याद जब आप की आ गयी
वर्क सी दिल पै लहरा गयी ”
शायर अमजद रज़ा का ये शेर खू़ब पसंद किया गया
“तू इतनी भी सफाई दे न मुझ को
तिरी खा़मी दिखाई दे न मुझ को”
कार्यक्रम के कनवीनर और बज़्मे फ़रोगे़ अदब के सद्र जनाब असलम अदीब को श्रोताओं ने खू़ब सराहा उनहोंने कहा
वो मेरी राह में कांटे बिछाकर
मुझे ख़तरों से वाकिफ़ कर रहे है
जनाब चाहत फी़रोज़ादी ने कहा
हमेशा औरों पै तनक़ीद की नज़र डाली
तलाश खु़द को जो करते तो मीर हो जाते
उस्ताद ज़ीरो बादवी ने कहा
“मौसमे हिज्र से हूं मैं बेजा़र
पेट में दर्द आपके क्यू है”
शाहरोज़ खान चाचा कलीम नूरी के लिये कहा
अल्फाजों में जो रुह बसा देते हैं
वो ही अस्ल में किताब बना देते हैं
इस के अलावा सुहेल इटावी
ग़यास फी़रोज़ाबादी को भी खूब पसंद किया गयि
मुशायरे के अध्यक्ष डा० शमीम अहमद खान ने अपने भाषन में कहा कि क़िताबें इंसान की सच्ची और अच्छी दोस्त होती हैं ,कलीम नूरी के रूप में उर्दू साहित्य में खू़बसूरत इज़ाफा़ हूआ है
मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि कलीम नूरी ऐसे लिखते रहै और उनकी हर बरस एक किताब आए और खू़ब मशहूर हो।
मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष शिवराज सिंह यादव जी ने कलीम नूरी के उर्दू साहित्य में किताब का छापे जाने पर बधाई थी। और कहा कि कलीम नूरी साहब ने उर्दू साहित्य में बडा काम किया है। उर्दू एकेडमी लखनऊ (उ०प्र०) से किताब छपना शियर के लिये कामयाबी की दलील है।हमारी दुआरें कलीम नूरी के साथ हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉक्टर दिल्ली यादव ने कालीम नूरी फीरोज़ाबादी को उनके मजमुआ कलाम मौसम में हिज्र के विमोचन के मौके पर कहा कि आज के दौर में किताबें छापना बड़ा काम है कलीम नूरी ने यह काम करके बड़ा काम किया।वो दवाई के पात्र हैं।
इस अवसर पर समाज सेवी संस़्था चराग़ सोसायटी की ओर से कलीम नूरी को उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिये आबरू ए अदब अवार्ड से सम्मानित करते हुए डाक्टर ज़फ़र आलम ने कहा कि कलीम नूरी ने अपने कलाम के ज़रिए हमेशा समाजी एकता मुहब्बत और भाई चारे का संदेश दिया है
संस्था उन्हें ऐवार्ड देते हुऐ फ़ख़्र महसूस करती है
अंत में कार्यक्रम के बानी और फ़रोग़े अदब के सद्र हाजी आसलम अदीब ने सभी मेहमानों कि शुक्रिया अदा किया
कार्यक्रम का संचालन सुहेल लखनवी ने किया एंव आरम्भिक कार्यवाही इरफा़न साहिल ने कराई









