
-शंकर अंदानी परमानंद ट्रस्ट एवं यूए क्रिएटिव लाइन प्लस के प्रेसिडेंट नियुक्त किए गए।
नई दिल्ली।
ANA और आकलन साप्ताहिक व परमानंदम के एस्ट्रो-बिजनेस कॉन्कलेव कर समाज को नई दिशा दी है। इसका लाभ समाज को मिलेगा। ईसीसीआई व सीता ट्रस्ट के प्रेसिडेंट सीए शंकर अंदानी ने यह बात कही। कॉन्कलेव में परमानंद ट्रस्ट व यूए क्रिएटिव लाइन प्लस के प्रेसिडेंट की नियुक्ति की घोषणा की गई।
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ANA और साप्ताहिक पत्रिका आकलन के तत्वाधान में परम आनंदम ट्रस्ट के संयुक्त सहयोग से एस्ट्रो व्हाइस ऑन बिजनेस विषय पर कान्कलेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर सीए शंकर अंदानी कॉन्कलेव में शामिल हुए।
इस मौके पर शंकर अंदानी ने कहा कि एस्ट्रो बिजनेस के बीच अन्योन्याश्रय संबंध है। निश्चितौर पर ज्योतिष के प्रति लोगों की जागरुकता जहां बढ़ेगी वही व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने में मदद भी मिलेगी। आज देश में स्टार्ट अप की भरमार है लेकिन इन्हें मार्गदर्शन की जरूरत है। ऐसे कॉन्कलेव से उन्हें मदद मिलेगी।
शंकर अंदानी ने कहा कि आज देश में एनजीओ और ट्रस्ट तो कार्य कर रहे हैं लेकिन उन्हें जानकारी हासिल नहीं है कि कैसे सीएसआर फंड लिए जाए। इसके लिए क्या प्रावधान है। इन प्रावधानों को जानना आवश्यक है। प्रावधान जानेंगे तो फंड मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
सीए शंकर अंदानी ने कहा कि सरकारी फंड को कैसे प्राप्त करना है और इसकी प्रक्रिया क्या है इसे जानना पहले आवश्यक है। आज देश में सार्वजनिक कंपनियां की कई सीएसआर परियोजनाएं है जिसे आवश्यक दस्तावेज पेश कर प्राप्त किया जा सकता है।
सीए शंकर अंदानी ने परमानंद ट्रस्ट व यूए क्रिएटिव लाइन प्लस के प्रेसिडेंट नियुक्त होने पर खुशी जाहिर करते हुए ट्रस्ट के सद्स्यों को धन्यवाद दिया।
एस्ट्रो-बिजनेस कॉन्कलेव में समाज के उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्व को सम्मानित किया गया एवं उन्हें विशिष्ट पुरस्कार से नवाजा गया
इस मौके पर मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी संजय मयूख और विशेष अतिथि दिल्ली के एडिशनल सीपी ट्रैफिक दिनेश कुमार गुप्ता, ईसीसीआई के प्रेसिडेंट शंकर अंदानी, आचार्य शुभेश शर्मन और ज्योतिषाचार्य हेना प्रसून समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के अंत में आकलन के एडिटर इन चीफ वी राज बाबुल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।







