
नई दिल्ली।
अमेरिका ने पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार पाकिस्तानी आतंकी संगठन “द रेजिस्टेंस फ्रंट” (टीआरएफ) को वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) की सूची में डाला है। इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार (अमेरिकी समयानुसार) को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। मार्को रुबियो ने बयान में लिखा, ‘लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का एक मुखौटा और प्रॉक्सी, टीआरएफ ने 22 अप्रैल, 2025 को भारत के पहलगाम में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। यह 2008 में मुंबई हमलों के बाद लश्कर का भारत में नागरिकों पर किया गया सबसे घातक हमला था।’
विदेश मंत्रालय के अनुसार, हमले की कड़ी निंदा करने वाले ट्रंप ने टीआरएफ हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया था और “इस जघन्य हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए भारत के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया था।”
टीआरएफ एक आतंकी संगठन है जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है। यह ऐसे लोगों को भर्ती करता है जो आम तौर पर नागरिक लगते हैं, लेकिन गुप्त तरीके से आतंकी गतिविधियों में शामिल होते हैं। इन्हें हाइब्रिड आतंकवादी कहा जाता है। भारत सरकार ने 5 जनवरी, 2023 को टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किया था।







