वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी सुधार से आम आदमी के लिए राहत, किसानों और कृषि क्षेत्र को लाभ, निर्माण और आवास क्षेत्र में प्रोत्साहन, ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा और शिक्षा और सेवाओं में राहत मिलेगी

नई दिल्ली।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी सुधार से आम आदमी के लिए राहत, किसानों और कृषि क्षेत्र को लाभ, निर्माण और आवास क्षेत्र में प्रोत्साहन, ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा और शिक्षा और सेवाओं में राहत मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 3 सितम्बर को आयोजित 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक में इन सुधारों को मंजूरी दी गई।

अब जीएसटी केवल दो स्लैब में होगा 5% और 18% पहले की 12% और 28% की दरें हटा दी गई हैं। वहीं, लक्जरी (महंगी कारें, यॉट्स और प्राइवेट एयरक्राफ्ट) और सिन गुड्स (जैसे तंबाकू, पान मसाला, एरेटेड ड्रिंक्स) पर 40% कर लगेगा। इससे व्यवस्था और सरल होगी और टैक्स चोरी पर अंकुश लगेगा।

दैनिक उपयोग की कई वस्तुएं अब सस्ती होंगी। दूध, दही, पनीर, सभी तरह की भारतीय ब्रेड, पेंसिल, रबर और कॉपी जैसी पढ़ाई की चीजें अब पूरी तरह टैक्स-फ्री हो गई हैं। साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, टेबलवेयर, साइकिल जैसी चीजों पर टैक्स घटाकर 5% कर दिया गया है। पैकेज्ड फूड, नमकीन, पास्ता, सॉस, चॉकलेट, कॉफी और मांस उत्पादों पर जीएसटी 12% या 18% से घटाकर 5% किया गया है। टीवी (32 इंच से बड़े), एसी और डिशवॉशर जैसे घरेलू उपकरण भी अब 28% की जगह 18% स्लैब में आएंगे।

किसानों के लिए ट्रैक्टर पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। हार्वेस्टर, थ्रेशर, स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन मशीनों पर भी टैक्स 5% कर दिया गया है। बायो-पेस्टिसाइड और प्राकृतिक मेंथॉल भी 12% से घटाकर 5% पर आ गए हैं। इससे खेती की लागत कम होगी।

सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। मार्बल, ग्रेनाइट, सैंड-लाइम ब्रिक्स और बांस उत्पादों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। छोटी कारें और 350 सीसी तक की टू-व्हीलर अब 28% से घटाकर 18% कर स्लैब में होंगी। बस, ट्रक, ऑटो पार्ट्स पर भी टैक्स 18% कर दिया गया है।

छात्रों के लिए कॉपी, पेंसिल, क्रेयॉन, शार्पनर और ज्योमेट्री बॉक्स टैक्स-फ्री कर दिए गए हैं। होटल स्टे (₹7,500 तक प्रति दिन) पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। जिम, योग, सैलून और हेयरकट जैसी सेवाओं पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया गया है।

33 जीवन रक्षक दवाएं और डायग्नोस्टिक किट्स अब पूरी तरह टैक्स-फ्री हो गई हैं। अन्य दवाओं (आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी समेत) पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। मेडिकल ऑक्सीजन, थर्मामीटर, सर्जिकल उपकरण और चश्मे पर भी टैक्स 5% कर दिया गया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। इससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी और “मिशन इंश्योरेंस फॉर ऑल 2047” को बल मिलेगा।

विशेषज्ञों की राय में ये जीएसटी सुधार 2025 न केवल टैक्स व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाते हैं, बल्कि यह आम जनता को सस्ती जिंदगी, कारोबारियों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त और सरकार को मजबूत राजस्व दिलाने में मदद करेंगे।

 

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