ट्रंप का एच1बी वीजा का फैसला अन्य देशों के मुकाबले अमेरिका को ही ज्यादा प्रभावित करेगा

नई दिल्ली।

ट्रंप का एच1बी वीजा का फैसला अन्य देशों के मुकाबले अमेरिका को ही ज्यादा प्रभावित करेगा। इसे ही कहते हैं अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारना। ट्रंप सोच रहे हैं कि वे अमेरिका का फायदा कर रहे हैं जबकि वे अमेरिका का नुकसान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री के इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा कि भारत को किसी भी देश के साथ लंबे समय के वीजा के लिए बातचीत नहीं करनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिकी H-1B वीजा को लेकर कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के फैसले से किसी भी अन्य देश से ज्यादा अमेरिका पर ही असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ऐसे वीजा ज्यादातर अमेरिकी कंपनियां ही इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने इशारों में बताया कि ट्रंप का फैसला अमेरिका को ही ज्यादा प्रभावित करेगा। H-1B मुख्य तौर पर अमेजन, गूगल और ऐसी ही अन्य कंपनियां इस्तेमाल करती हैं, भारतीय कंपनियाँ नहीं। फिर अगर वो आईटी कंपनियां हैं, तो लोगों को अमेरिका भेजने की जरूरत क्यों है? आप एक ऐसे उद्योग में हैं, जिसमें काम कहीं से भी हो सकता है। आपको वहां जाने की जरूरत क्यों है?’

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