
अंडमान सागर के बैरन द्वीप पर स्थित भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी हफ्ते में दो बार फट चुका है। लगभग दो दशक के बाद यह ज्वालामुखी फटा है। दक्षिण एशिया के वैज्ञानिकों को प्रकृति की इस घटना पर नजर लगी हुई है। ज्वालामुखी में पहला विस्फोट 13 सितंबर को हुआ। इसके सात दिन बाद दूसरा विस्फोट 20 सितंबर को हुआ। बैरन द्वीप पर कोई आबादी नहीं है, इसलिए किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक 20 सितंबर को ज्वालामुखी में जो दूसरा विस्फोट हुआ, उसके पीछे दो दिन पहले इलाके में 4.2 तीव्रता वाले भूकंप को कारण बताया जा रहा है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के डायरेक्टर ओपी मिश्रा के मुताबिक यह विस्फोट ज्वालामुखी के मैग्मा चैंबर में ‘कंपन तीव्रता'(shaking intensity) की वजह से हुआ है। बैरन द्वीप करीब 3.2 किलोमीटर चौड़ा और समुद्र तल से करीब 2 किलोमीटर तक ऊंचा है।






