फिरोजाबाद के सिरसागंज में 12 व 13 अक्टूबर को दो दिवसीय साहित्यकार और पत्रकारों के कुंभ का होगा आयोजन

फिरोजाबाद।

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष होने पर जनपद में एक साहित्यकारों पत्रकारों के कुंभ का आयोजन 12 तथा 13 अक्टूबर को होने जा रहा है। जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यकार और पत्रकार शामिल होंगे।

कार्यक्रम जनपद के सिरसागंज में आयोजित किया जा रहा है जिसमें 12 अक्टूबर को हिंदी पत्रकारिता = कल आज और कल विषय पर संगोष्ठी होगी जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से पत्रकार और साहित्यकार शामिल होंगे। हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास और हिंदी पत्रकारिता की भविष्य विषय में विशेष विशेष चर्चा की जाएगी।

हिंदी पत्रकारिता के द्वि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष मैं दो दिवसीयआयोजन उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में सिरसागंज में आयोजित किया जा रहा है कार्यक्रम का संयोजक मुकेश मणिकांचन को बनाया गया है।

पत्रकारिता जगत के लिए 12-13 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे) की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक एवं प्रांतीय सम्मेलन आगामी 12-13 अक्टूबर को फिरोजाबाद जनपद के सिरसागंज में आयोजित होने जा रहा है। इस बैठक को लेकर पत्रकारों में उत्साह की लहर है। इस अवसर पर पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास की गाथा के साथ वर्तमान में पत्रकारिता की गंभीर चुनौतियों पर भी चर्चा होगी।

प्रांतीय उपाध्यक्ष द्बिजेंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि 12-13 अक्टूबर को शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे होगा, जिसमें प्रदेश के पर्यटन मंत्री माननीय जयवीर सिंह जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर स्मारिका का विमोचन एक ऐतिहासिक पहल होगी क्योंकि यह न केवल पत्रकारिता की गौरवशाली परंपराओं का स्मरण कराएगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी मार्गदर्शन देगा।

जिला संयोजक उमाकांत पचौरी एडवोकेट ने बताया कि स्मारिका विमोचन कार्यक्रम हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित होगा। इस विशेष अवसर पर हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डाला जाएगा और पत्रकारों के समक्ष मौजूद चुनौतियों एवं संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।

संगठन के जिला अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान समय से पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, समाज में पत्रकारों की भूमिका, तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण हेतु पत्रकारों के योगदान पर भी विचार किया जाएगा।

इस प्रकार के कार्यक्रम से संदेश जाएगा कि पत्रकारिता केवल महानगरों तक सीमित नहीं है बल्कि गांव, कस्बों और छोटे शहरों में भी इसका उतना ही महत्व और प्रभाव है। सिरसागंज में आयोजित कार्यक्रम से न केवल स्थानीय पत्रकारों को प्रेरणा मिलेगी बल्कि संगठन की जड़ों को और अधिक मजबूती भी मिलेगी।

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