हम घुसपैठियों को डिटेक्ट करेंगे, मतदाता सूची से डिलीट करेंगे और देश से डिपोर्ट करेंगे – अमित शाह

नई दिल्ली।

“हम घुसपैठियों को डिटेक्ट करेंगे, मतदाता सूची से डिलीट करेंगे और देश से डिपोर्ट करेंगे”। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऑफिस ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उनके बयान को पोस्ट किया है।

अमित शाह ने घुसपैठ को देश लिए खतरा बताते हुए साफ  शब्दों में कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है। उन्होंने कहा, “गुजरात और राजस्थान में सीमाएं हैं, लेकिन वहां घुसपैठ नहीं होती, क्योंकि वहां सख्ती बरती जाती है।”

उन्होंने असम का उदाहरण दिया, जहां 2011 की जनगणना में मुस्लिम आबादी की दशकीय वृद्धि दर 29.6 प्रतिशत थी, और कहा, “यह घुसपैठ के बिना संभव नहीं। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में यह 40 प्रतिशत है, और सीमावर्ती क्षेत्रों में 70 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह घुसपैठ का स्पष्ट प्रमाण है।”

अमित शाह ने कहा कि कोई भी आ जाए, तो देश धर्मशाला बन जाएगा। भारत में 1951 में हिंदू 84 प्रतिशत, मुस्लिम 9.8 प्रतिशत। 1971 में हिंदू 82 प्रतिशत, मुस्लिम 11 प्रतिशत। 1991 में हिंदू 81 प्रतिशत, मुस्लिम 12.21 प्रतिशत, और 2011 में हिंदू 79 प्रतिशत और मुस्लिम 14.2 प्रतिशत हैं। वहीं, अब मुस्लिम आबादी 24.6 प्रतिशत हो गई। यह घुसपैठ के कारण हुई।”

उन्होंने कहा कि हम इस घुसपैठ को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने भाजपा की नीति ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ का उल्लेख किया और कहा, “हम घुसपैठियों को डिटेक्ट करेंगे, मतदाता सूची से डिलीट करेंगे और देश से डिपोर्ट करेंगे।”

शाह ने कहा कि इस मिशन से विवाद उठेंगे, लेकिन विवाद से बचने और देश, लोकतंत्र, संस्कृति को बचाने के बीच यदि चुनना पड़े, तो भाजपा हमेशा देश को चुनेगी।

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