
दिल्ली में यमुना फिर अपने पुराने रूप में आ गई है। छठ पूजा के समय जैसे तैसे यमुना को साफ किया गया। सफेद और काले झाग केमिकल से मार दिए गए। जोड तोड़ करके पानी भी बढाया गया। लेकिन अब हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से अब पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इसका असर दिल्ली में दिख रहा है। कालिंदी कुंज के पास दूषित जल में जहरीले झाग तैरने लगे हैं।
21 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक नदी में लगभग 11 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिससे प्रदूषण कम हुआ था। लेकिन अब कम पानी आने से भी पानी फिर से प्रदूषित हो गया है।
यमुना को स्वच्छ व अविरल रखने के लिए हथनी कुंड से अधिक पानी छोड़े जाने के साथ ही इसमें गिरने वाले औद्योगिक अपशिष्ट और घरों की गंदगी को रोकना होगा। अन्यथा सफाई के नाम पर किए जाने वाले सभी प्रयास बेमानी हैं।
यमुना में गिरने वाले सभी सीवेज का पूरी तरह से उपचार सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में और बेहतर काम करने वाले सीवेज उपचार संयंत्र (STP) स्थापित करने होंगे। इसके लिए सख्त नियम लागू करने होंगे और औद्योगिक अपशिष्ट को नदी में जाने से रोकना होगा।जन जागरूकता बढ़ाना और लोगों को नदी में कचरा न फेंकने के लिए प्रोत्साहित करना भी एक महत्वपूर्ण कदम है।







